
मुकेश हिंगड/उदयपुर. उदयपुर की राजनीति में 1985 से 1990 तक विधायक रही डॉ. गिरिजा व्यास अब फिर से विधायक के चुनाव में मैदान में है। पिछले लम्बे समय से उदयपुर सीट से भाजपा के गुलाबचंद कटारिया चुनाव जीतते आ रहे है और इस बार कांग्रेस ने कटारिया के सामने गिरिजा जैसी कद्दावर नेता को मैदान में उतारा है। वैसे उदयपुर लोकसभा क्षेत्र आरक्षित होने के बाद गिरिजा चित्तौडगढ़़ चली गई थी। उसके बाद इस सीट पर कांग्रेस के अन्य नेताओं ने चुनाव लड़ा। पिछले चुनाव में यहां कटारिया के सामने युवा चेहरे के रूप में दिनेश श्रीमाली को मैदान में उतारा था। इस बार भी गिरिजा से पहले दिनेश श्रीमाली, पंकज शर्मा, सुरेश श्रीमाली दावेदारी करते हुए टिकट की इंतजार में थे। पिछले दिनों जब गिरिजा उदयपुर में सक्रिय हुई, तब यह संकेत देखने को मिले की गिरिजा इस बार उदयपुर से चुनाव लडऩे की तैयारी कर रही है। गिरिजा को टिकट मिलने से जहां कांग्रेस के पुराने नेता खुश है, वहीं युवा चेहरे टिकट को लेकर पांच साल से कर रहे मेहनत के बाद उनका नाम नहीं आने से निराश है। वैसे अंदर ही अंदर ये नेता नाराज तो है, लेकिन खुलकर सामने नहीं आए और पार्टी के साथ काम करने की बात कर रहे है। गिरिजा व्यास के नामांकन का मुहूर्त शुक्रवार को निकाला जाएगा।
सूची से पहले ही घर पर लगा मेला
रा त को टिकट की घोषणा से पहले ही गिरिजा के घर समर्थकों की भीड़ लगी हुई थी। जैसे ही गिरिजा का नाम घोषित हुआ तो वहां पर कार्यकर्ताओं ने खुशी मनाते हुए आतिशबाजी की। गिरिजा के भाई शहर अध्यक्ष गोपाल शर्मा सहित शहरभर से आए पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने बधाइयां देते हुए अब चुनाव में दिन-रात एक करने पर जोर दिया।