
यूडीए की टीम की ओर से ढहाया गया अतिक्रमण
उदयपुर. शिल्पग्राम के पीछे हवालाखुर्द क्षेत्र में करोड़ों की सरकारी जमीन पर फर्जी पट्टे के जरिये कब्जा जमाने के मामले में सोमवार को बड़ा एक्शन हो गया। पत्रिका ने इस प्रकरण का खुलासा किया था। उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) ने कार्रवाई करते हुए दो मंजिला भवन पर बुलडोजर चला दिया। करीब 5 हजार वर्गफीट क्षेत्र में बने इस निर्माण को ध्वस्त करने में यूडीए टीम को आठ घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी। कार्रवाई के दौरान पुलिस, होमगार्ड और प्राधिकरण का जाब्ता मौके पर तैनात रहा। इस जमीन पर वेणसिंह ने फर्जी पट्टे के जरिये सरकारी जमीन पर भवन खड़ा कर दिया गया था। पत्रिका की खबर के बाद यूडीए ने मामले की जांच करवाई, जिसमें पूरा खेल सामने आ गया था।
यूडीए आयुक्त अभिषेक खन्ना और सचिव हेमेन्द्र नागर के निर्देश पर तहसीलदार डॉ. अभिनव शर्मा व रणजीतसिंहविठू के नेतृत्व में सुबह टीम मौके पर पहुंची। आठ घंटे की मशक्कत कर पूरी कार्रवाई की। अधिकारियों ने बताया कि राजस्व ग्राम हवालाखुर्द की आराजी संख्या 534/1, 535, 735 और 746 सहित कई भूखंड राजस्व रिकॉर्ड में यूडीए के नाम दर्ज है। इसके बावजूद फर्जी दस्तावेज के आधार पर निर्माण कार्य किया गया था। 2 जून को जब यूडीए की टीम भवन के आसपास अतिक्रमण हटाने पहुंची तो मौके पर भवन मालिक वेणसिंह ने वर्ष 1988 का पट्टा पेश किया। दस्तावेज में उपखंड अधिकारी की सील, हस्ताक्षर, पत्रावली संख्या, पट्टा नंबर, भूमि रूपांतरण शुल्क जमा होने का उल्लेख तथा गवाहों के हस्ताक्षर तक दर्ज थे। पहली नजर में यह दस्तावेज असली सरकारी रिकॉर्ड जैसा दिखाई दिया, जिसके कारण कार्रवाई रोकनी पड़ी।
अब एफआइआर का इंतजार
यूडीए अधिकारियों के अनुसार फर्जीवाड़ा सुनियोजित तरीके से किया गया था। दस्तावेज तैयार करने वालों ने सरकारी रिकॉर्ड की तर्ज पर पत्रावली संख्या, खसरा विवरण, पट्टा नंबर, शुल्क जमा होने का विवरण, सील और हस्ताक्षरों तक की नकल कर ली थी। यदि मूल रिकॉर्ड की जांच नहीं होती तो यह जमीन हमेशा के लिए निजी स्वामित्व में चली जाती। अब यूडीए पूरे मामले की रिपोर्ट न्यायालय को भेजकर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और सरकारी भूमि पर कब्जे के प्रयास के आरोप में एफआइआर दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है। साथ ही क्षेत्र में अन्य संदिग्ध पट्टों और दस्तावेजों की भी जांच शुरू कर दी गई है।
कार्रवाई में शामिल रही यह टीम
कार्रवाई के दौरान दोनों तहसीलदार के अलावा मौके पर यूडीए के राजेन्द्र सेन, बाबूलाल तेली, दीपक जोशी, भरत हथाया, प्रतापसिंह राणावत, दुलीचन्द्र शर्मा, अभिमन्यु सिंह, विजय नायक, अभय सिंह एवं हितेन्द्र सिंह तंवर सहित प्राधिकरण दल, होमगार्ड जाब्ता तथा नाई थाना पुलिस के जवान शामिल रहे।
Updated on:
23 Jun 2026, 6:29 PM IST
Published on:
23 Jun 2026, 6:29 PM IST
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