उदयपुर

राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 : चुनावी शोर में प्यास बुझाने के नाम पर नेताओं की चुप्पी

Rajasthan Election : अभी चुनावी शोर सिर चढ़कर बोल रहा है। ऐसे में शहर की प्यास बुझाने की प्राथमिकता पर सन्नाटा पसरा हुआ है।

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Nov 13, 2023
Had to obey verbal order, payment for drinking water system stuck

Rajasthan Assembly Election 2023 : अभी चुनावी शोर सिर चढ़कर बोल रहा है। ऐसे में शहर की प्यास बुझाने की प्राथमिकता पर सन्नाटा पसरा हुआ है। प्रशासन हो या जनप्रतिनिधि, अभी पानी पर कोई बात नहीं कर रहा है। मसला शहर की प्यास बुझाने में अहम भूमिका निभाने वाली जयसमंद झील से ज्यादा पानी लाने का है। फिलहाल प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में है और पिछले दो माह से काम बंद पड़ा है। दो माह पहले ही हुई प्रशासनिक बैठक बेनतीजा रहने के बाद फाइल दफ्तर दाखिल हो गई। अब चुनावी नतीजे आने के बाद ही फिर समाधान खोजा जाएगा। अब सलूम्बर जिले का हिस्सा हो चुकी जयसमंद झील से उदयपुर शहर की प्यास पिछले तीन दशक से बुझाई जा रही है। विस्तार लेते शहर में जरुरत बढ़ी और ज्यादा क्षमता की पाइपलाइन डालने का प्रोजेक्ट शुरू हुआ, लेकिन लगातार विरोध के चलते खटाई में पड़ता रहा है। जयसमंद क्षेत्र के ग्रामीणों के विरोध के बाद अभी तक काम अटका हुआ है। प्रशासन और जयसमंद संघर्ष समिति के बीच अभी तक की वार्ता बेनतीजा रही।

हर संभव समाधान के प्रयास
● अब तक जयसमंद संघर्ष समिति और प्रशासन के बीच तीन दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन इनमें कोई समाधान नहीं निकला। अब चुनाव के बाद ही बैठक से समाधान निकलने की उम्मीद है।
● चुनाव के चलते दोनों राजनीतिक दलों ने इस प्रोजेक्ट से हाथ खींच रखे हैं। ऐसे में सलूंबर की राजनीति करने वाले नेता इस विषय पर मौन ही हैं। उदयपुर का प्रशासन भी चुनाव में व्यस्त है।
● संघर्ष समिति ने चार प्रमुख मांगें रखी हैं। प्रशासन तकनीकी रूप से विचार विमर्श कर रहा है। ऐसे में पाइप की साइज छोटी करने की मांग को छोड़कर बाकी मांगें मानी जा सकती है।

वर्तमान स्थिति
27 साल से जयसमंद का पानी पी रहा शहर
22.50 लाख लीटर पानी प्रतिदिन आता है
600 एमएम की पाइपलाइन पुरानी हो चुकी
14500 एमसीएफटी झील की भराव क्षमता
300 एमसीएफटी पानी पूरे साल मिलता है

आगे क्या
20 लाख लीटर पानी लाने का प्रोजेक्ट है
900 एमएम की पाइपलाइन बिछाई जानी है
42 लाख लीटर पानी रोज आएगा शहर में
215 करोड़ के है पूरे प्रोजेक्ट की लागत
164 करोड़ अब तक सरकार से मिले

वर्तमान में चुनावी गतिविधियों के चलते वार्ता नहीं हो पा रही है। ऐसे में प्रोजेक्ट का काम बंद है। डेढ़ माह पहले बैठक हुई थी, लेकिन उसमें ग्रामीण मांगों पर अड़े रहे। माही से पानी आएगा तो जाखम का कमांड एरिया फीड होगा। जाखम से आ रहा पानी लाया जा सकता है। चुनाव के बाद पुन: चर्चा होगी। मुकेश कुमार मोड़, एक्सइएन, प्रोजेक्ट डिवीजन

Published on:
13 Nov 2023 03:50 pm
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