
उदयपुर। राजस्थान में उदयपुर शहर में होने वाली ग्रैंड वेडिंग से पहले ही महाराष्ट्र के पुणे जिले में होने वाली दुल्हन ने प्रेमी के साथ मिलकर मंगेतर को गहरी खाई में धकेलकर मौत के घाट उतार दिया। इस मामले में पुलिस ने आरोपी सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने गुनाह कबूल कर लिया है। चेतन ने पूछताछ में बताया कि 18 जून को सिया का जन्मदिन था। उस दिन सिया ने लोहागढ़ किले में ट्रेक की योजना बनाई और उसे भी बुलाया था। ट्रेकिंग के दौरान ही केतन अग्रवाल को किले से नीचे धक्का दिया था। करीब 400 फीट गहरी खाई में गिरने से केतन की मौत हो गई थी। केतन की मौत के बाद बिलखते हुए पिता ने कहा कि अगर लड़की शादी नहीं करना चाहती थी तो कह सकती थी, हम तुरंत शादी रद्द कर देते। लेकिन, सिया की सोच ने उसके 26 साल के बेटे की जान ले ली।
बता दें कि पुणे के रियल स्टेट कारोबारी के बेटे कंपनी के निदेशक केतन विशाल अग्रवाल (26) की शादी मसाला कारोबारी की बेटी सिया गोयल से तय हुई थी। इसी साल नवंबर में शादी होने वाली थी। शादी के लिए उदयपुर का एक महल भी बुक किया गया था। मेहमानों के लिए दो चार्टर्ड प्लेन की व्यवस्था की गई थी। लेकिन, शादी से पहले ही दुल्हन ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर मंगेतर की हत्या कर दी। बता दें कि केतन विशाल अग्रवाल जैसे हत्याकांड के मामले राजस्थान में भी सामने आ चुके है। कहीं शादी से पहले मंगेतर ने होने वाली दूल्हे की हत्या कर दी तो कहीं होने वाले दूल्हे ने ही मंगेतर की हत्या कर दी है।
कोटा जिले के इटावा थाना क्षेत्र में इसी साल अप्रैल महीने में ऐसा ही हत्याकांड का मामला सामने आया था। दौलतपुरा निवासी धर्मेंद्र सेन की शादी मुंगेना निवासी जोधराज सेन की बेटी से तय हुई थी। दोनों की एक मई को शादी होने वाली थी और शादी की तैयारियां चल रही थी। लेकिन, लड़की को लड़का पसंद नहीं था और शादी से 8 दिन पहले ही मंगेतर ने होने वाले दूल्हे को ठिकाने लगाने की प्लानिंग बना डाली। इसके लिए बदमाशों को 10 हजार रुपए की सुपार भी दी थी।
युवती ने 22 अप्रैल को धर्मेंद्र को फोन करके कपड़े और गहने खरीदने के लिए बुलाया। खरीदारी के बाद जब धर्मेंद्र सेन अपने होने वाले साले हेमंत के साथ जलेश्वर महादेव के दर्शन कर वापस गांव लौट रहा था। तभी गौणदी और गणेशगंज के बीच मुकुट गोचर और उसके साथियों ने उस पर हमला कर दिया था। इस हमले में होने वाले दूल्हे धर्मेंद्र की मौत हो गई थी। पूछताछ में सामने आया था कि मंगेतर दीक्षा को दूल्हा पसंद नहीं था। ऐसे में लड़की के घरवालों ने बेटी के साथ मिलकर मंगेतर को मारने की साजिश रची थी। लड़की ने ही इटावा के बदमाश मुकुट को सुपारी दी थी और तीन बदमाशों ने धर्मेंद्र पर हमला किया था।
नागौर जिले के रोल इलाके में भी साल 2020 में सनीखेज हत्याकांड सामने आया था। यहां होने वाले दूल्हे ने शादी से पहले ही मंगेतर की हत्या कर दी थी और शव को जमीन में गाड़ दिया था। पूरे मामले का खुलासा तब हुआ था जब लड़की घर नहीं लौटी और लड़के ने कहा कि वह तो उसे वापस घर छोड़कर आ गया है। बेटी की तलाश कर रहे परिजनों ने कमरे में खून के धब्बे देखे तो पुलिस को सूचना दी। जांच में जुटी पुलिस को खेत में एक गड्ढा दिखाई दिया, जब उसे खुदवाया तो लड़की का शव मिला।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी मंगेतर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सख्ती से पूछताछ में मंगेतर ने गुनाह कबूल कर लिया था। आरोपी ने पुलिस को बताया था कि सगाई के दो साल तक तो सब कुछ ठीक था। लेकिन, शादी से ठीक पहले उसे पता चला कि उसकी मंगेतर किसी और लड़की से प्यार करती है। ऐसे में मंगेतर को नया मोबाइल दिलाने के बहाने अपने साथ ले गया। इसके बाद खेत पर बने कमरे में लड़की की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी और फिर शव को खेत में ही गाड़ दिया था।