
उदयपुर. राजस्थान विधानसभा का द्वितीय चुनाव 1957 में हुआ। यह चुनाव इस मायने में भी ज्यादा महत्वपूर्ण था कि इसमें उदयपुर जिले में कांग्रेस ने पहली बार किसी महिला (भीम से लक्ष्मीकुमारी) को मैदान में उतारा। यह अलग बात थी कि वे यह चुनाव किसी निर्दलीय से हार गई। किसी महिला को विधानसभा में भेजने के लिए आजादी के बाद यह प्रथम प्रयास था। उस समय तो यह सपना साकार नहीं हुआ, लेकिन पांच साल बाद अगले ही चुनाव में लक्ष्मीकुमारी ने पुरानी हार का बदला ले लिया और वे विधानसभा में उदयपुर जिले से पहली महिला विधायक के रूप में चुनी गईं। यही नहीं इस चुनाव में पहली बार एक मेघवाल भैरूलाल अपनी जाति के आरक्षित कोटे से चुनाव लड़ पाया।
इस महत्वपूर्ण चुनाव में मोहनलाल सुखाडिय़ा, गुलाबसिंह शक्तावत, जनार्दनराय नागर, निरंजननाथ आचार्य, मास्टर किशनलाल शर्मा जैसे दिग्गजों ने राज्य विधानसभा में उदयपुर का प्रतिनिधित्व किया था। स्वतंत्रता सेनानी नरेन्द्रपालसिंह चौधरी मावली से जनार्दन राय नागर से चुनाव हार गए थे। जनसंघ के दिग्गज भैरूलाल मेघवाल वल्लभनगर से कांग्रेस के प्रत्याशी हरिप्रसाद से चुनाव हार गए थे। सांसद कैलाश मेघवाल स्वर्गीय भैरूलाल के पुत्र है।
इस द्वितीय आम चुनाव में 13 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र थे। जिले में 13 में से 9 क्षेत्र एक सदस्यीय और सलूम्बर व वल्लभनगर दो सदस्यीय निर्वाचन क्षेत्र थे।
- तेरह निर्वाचन क्षेत्रों में आठ सामान्य तथा पांच निर्वाचन क्षेत्र आरक्षित थे।
- अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित क्षेत्र एक- वल्लभनगर
- अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित क्षेत्र चार-सलूम्बर, सराड़ा, फलासिया, गोगुंंदा
तब के विधायक
वल्लभनगर सामान्य गुलाबसिंह शक्तावत
वल्ल्भनगर अजा हरिप्रसाद
सलूम्बर अजा फूला
सलूम्बर सामान्य सोहनलाल भटनागर
सराड़ा अजजा देवी लाल
फलासिया अजजा विद्यासागर
गोगुंदा अजजा लक्ष्मण
उदयपुर शहर मोहनलाल सुखाडिय़ा
मावली जनार्दनराय नागर
राजसमंद निरंजननाथ आचार्य
नाथद्वारा किशन लाल शर्मा
कुंभलगढ़ मनोहर लाल
भीम फतहसिंह
जनसंघ को एक भी सीट नहीं