उदयपुर

Rajasthan Solar Energy: सौर ऊर्जा में राजस्थान नंबर वन, लेकिन छतों पर रूफटॉप सोलर में पिछड़ा, जानें क्यों?

राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग (आरइआरसी) की ओर से प्रदेश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए जारी नियमों पर विद्युत वितरण निगम (डिस्कॉम) के अफसरों की लालफीताशाही भारी पड़ रही है।
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Sep 26, 2026
Rooftop Solar Rajasthan
छतों पर रूफटॉप सोलर में पिछड़ा राजस्थान। फोटो: पत्रिका

पंकज वैष्णव

उदयपुर। राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग (आरइआरसी) की ओर से प्रदेश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए जारी नियमों पर विद्युत वितरण निगम (डिस्कॉम) के अफसरों की लालफीताशाही भारी पड़ रही है। आयोग ने ‘डिस्ट्रिब्यूटेड रिन्यूएबल एनर्जी जनरेटिंग सिस्टम्स विनियम 2025’ के तहत बिना छत वाले उपभोक्ताओं के लिए ‘वर्चुअल नेट मीटरिंग’ और एक से अधिक कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं व उद्योगों के लिए ‘ग्रुप नेट मीटरिंग’ का प्रावधान किया था।

आदेश पर डिस्कॉम्स ने गाइडलाइन तो तैयार की, लेकिन जमीनी स्तर पर प्रशासनिक आदेश जारी नहीं किए। वहीं राजस्थान रूफ टॉप सोलर लगाने में पिछड़ गया, जबकि देश में सर्वाधिक सौर विकिरण और बड़े सोलर पार्कों के दम पर राजस्थान सौर क्षमता में नंबर वन है। रूफ टॉप सोलर के मामले में गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश और केरल के बाद राजस्थान 5वें पायदान पर है।

आठ माह बाद भी वेब पोर्टल शुरू नहीं

अजमेर डिस्कॉम ने 2 जनवरी को ‘ग्रिड इंटरैक्टिव डिस्ट्रिब्यूटेड रिन्यूएबल एनर्जी जनरेटिंग सिस्टम’ के संबंध में गाइडलाइन जारी की थी। डिस्कॉम को वेबसाइट व संबंधित जानकारी सार्वजनिक करनी थी। तीन माह में ऑनलाइन आवेदनों की प्रोसेसिंग के लिए वेब आधारित सिस्टम लागू करना था, लेकिन आठ माह बाद भी नतीजा सिफर रहा।

स्मार्ट मीटर, फिर भी पुराने आदेशों में संशोधन नहीं

गाइडलाइन में नेट मीटर्स लगाने का प्रावधान है, जबकि वर्तमान में राज्य सरकार और विद्युत निगम सभी नए कनेक्शन पर नि:शुल्क स्मार्ट मीटर लगाने की योजना लागू कर चुके हैं। स्मार्ट मीटरिंग के अनुरूप आवश्यक संशोधन आदेश जारी होने चाहिए थे, जो अब तक फाइलों में ही दबे हैं।

किसे क्या मिलना था फायदा?

वर्चुअल नेट मीटरिंग : गांवों में कच्चे मकानों वाले छोटे घरेलू उपभोक्ता जिनके पास पक्की छत नहीं है। बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले लोग, छोटे दुकानदार व छोटे उद्यमी सोलर प्लांट में हिस्सेदारी लेकर बिजली बिल में क्रेडिट लाभ पा सकते हैं।
ग्रुप नेट मीटरिंग : बड़े घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ता अपने मुख्य परिसर में सोलर प्लांट लगाकर उससे बनने वाली अतिरिक्त बिजली का समायोजन अपने अन्य सर्विस कनेक्शन (जैसे दुकान, गोदाम या लघु उद्योग) के मासिक बिल में करवा सकते हैं।

प्रदेश का विद्युत परिदृश्य

1.75 करोड़ कुल विद्युत उपभोक्ता
1.38 करोड़ घरेलू उपभोक्ता
1.04 करोड़ उपभोक्ता 100 यूनिट प्रतिमाह वाले
31 लाख कृषि उपभोक्ता
15 लाख व्यावसायिक उपभोक्ता
04 लाख औद्योगिक उपभोक्ता
1.5 लाख अन्य उपभोक्ता
05 लाख घर पीएम सूर्य घर योजना का लक्ष्य

आदेश जल्द जारी किया जाए

आरइआरसी के आदेश की अनुपालना में जयपुर डिस्कॉम ने 30 दिसंबर 2025 को ग्रुप और वर्चुअल नेट मीटरिंग की गाइडलाइन जारी की थी। इसके बाद अजमेर और जोधपुर डिस्कॉम ने भी गाइडलाइन आई। प्रक्रिया आदेश के अभाव में उपभोक्ताओं को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए आदेश जल्द जारी किया जाना चाहिए।
-येवंती कुमार बोलिया, एसइ व ऊर्जा सलाहकार (रिटायर्ड)

Updated on:
26 Sept 2026 07:57 am
Published on:
26 Sept 2026 07:57 am