उदयपुर

Udaipur BJP : उदयपुर भाजपा में इतनी उथल-पुथल क्यों? अंक-5 कर रहा है खेल, जानें कब आएंगे अच्छे दिन

Udaipur BJP : उदयपुर भारतीय जनता पार्टी में पिछले करीब 2 माह से जो परेशानियां दिख रही है, उसके कई ठोस कारण सामने आ रहे हैं। शहर के एक ज्योतिषी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर विश्लेषण किया है। और बताया ​कि कब आएंगे उदयपुर भाजपा के अच्छे दिन?।

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ग्राफिक्स फोटो - AI

Udaipur BJP : उदयपुर भारतीय जनता पार्टी में पिछले करीब 2 माह से जो परेशानियां दिख रही है, उसके कई ठोस कारण सामने आ रहे हैं। उदयपुर भाजपा संक्रमण काल में है, इसलिए हलचल, असंतोष और परेशानी का दौर है। ज्योतिषिय पहलू से जानें, आखिर भाजपा में इतनी उथल-पुथल क्यों हो रही है। शहर के एक ज्योतिषी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर विश्लेषण किया है।

भाजपा का नामांक 3 और उदयपुर का नामांक 2 है, जिसका योग 5 होता है। संख्या 5 का अर्थ ऊर्जा से होता है, जिसका ग्रह बुध है। ऐसे में तेज बदलाव, अस्थिरता, तालमेल गड़बड़ी, गुटबाजी और भ्रम की स्थिति बनती है। वर्ष 2026 का अंक 1 है, जो कि सूर्य का अंक है। ऐसे में सूर्य बनाम बुध का संयोजन देखें तो सूर्य नेतृत्व का कारक है। बुध बातचीत और नेटवर्क का कारक है। ऐसे में परिणाम ये कि नेतृत्व टकराव होता है और छोटे-छोटे मुद्दे भी बड़े बन जाते हैं। चंद्र का प्रभाव है, जो भावनाएं और अस्थिरता का संकेत देता है। बुध और चंद्र के संयोजन में भ्रम और असंतुलन की स्थिति बनती है। ऐसे में गलतफहमियां, अंदर खाने विरोध की स्थिति बनती है। भाजपा के एक प्रमुख नेता की जन्म कुंडली का भी आंकलन किया, जिसमें इस साल बेहद नकारात्मक स्थिति बताई गई है।

वर्ष फल की स्थिति

1- जनवरी से जून: संघर्ष, अंदरूनी खींचतान, टिकट और पद को लेकर विवाद, संगठनात्मक कमजोरी दिखेगी।
2- जुलाई से अक्टूबर : धीरे-धीरे चीजें सेट होंगी, नेतृत्व स्पष्ट होगा और कुछ नए चेहरे उभरकर सामने आएंगे।
3- नवंबर से दिसंबर : बड़ा राजनीतिक निर्णय या बदलाव होगा, संगठन मजबूत होगा या फिर बड़ा नुकसान होगा।

ये वजह भी जानें

1- अंदरूनी गुटबाजी : निगम चुनाव से पहले पार्टी में आंतरिक विरोध व असंतोष दिख रहा है।
2- संगठनात्मक दबाव : लगातार बैठकें, लेकिन ग्राउंड पर एकजुटता में कमी महसूस हो रही है।
3- चुनावी वर्ष का तनाव : नगर निगम चुनाव व सीटों की बढ़ोतरी को लेकर दबाव बना हुआ है।

मामले, जो चर्चा का विषय रहे

1- हिरणमगरी थाने में भाजपा के पूर्व पार्षद राकेश पोरवाल के खिलाफ 2 माह पहले बलात्कार का मामला दर्ज हुआ है। नौकरी दिलाने का झांसा देकर बलात्कार का आरोप लगाया गया था।
2- भूपालपुरा थाने में दो माह पहले ही भाजपा नेत्री ने वकील पर वीडियो, ब्लैकमेलिंग, बलात्कार का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया, जिसमें कई नेताओं के उलझने का संकट पैदा हुआ।
3- भाजपा नेता और पूर्व पार्षद ने पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया के खिलाफ राष्ट्रपति के नाम चिट्ठी लिखकर शिकायत की थी कि वे बार बार उदयपुर आते और राजनीतिक दखल देते हैं।
4- पूर्व विधायक धर्मनारायण जोशी के फेसबुक अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट किया गया था, जिसमें दस साल पहले कटारिया (तब शहर विधायक) का विरोध बताया गया था।
5- विरोधी खेमे को जवाब देते हुए राज्यपाल कटारिया ने हाल ही में अपना पक्ष रखा। पत्रकारों से रूबरू होकर अपने कामकाज के बारे में बात रखकर विरोधियों का मुंह बंद कर दिया।
6- भाजपा के संभाग मीडिया प्रभारी चंचल अग्रवाल का एक ऑडियो वायरल हुआ, जो 6 माह पहले का है। उसमें चालान के विवाद में पुलिसकर्मी को धमकाने की बात आई थी।
7- सबसे पहले 5 जून 2025 को घंटाघर थाने में पूर्व पार्षद महिला ने भाजपा नेता के खिलाफ बलात्कार के प्रयास का केस दर्ज कराया था। इसे लेकर सीआई और एसपी में भी बिगड़ गई थी।

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Published on:
08 Apr 2026 02:51 pm
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