उदयपुर

तांगे वाले की बेटी बोलकर उड़ाते थे मजाक, अब दुनिया में कायम की मिसाल

Success Story: ‘लोग मुझे तांगे वाले की बेटी कहकर मजाक उड़ाते थे, लेकिन आज वहीं लोग मुझे इंजीनियर बेटी कहते हैं। मेरे दादाजी ने आटे की चक्की चलाकर मुझे पढ़ाया।’ ये कहना है उदयपुर की इंजीनियर बेटी नेहा सक्का का। नेहा अपने परिवार की पहली इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं।

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Apr 30, 2023

मधुलिका सिंह@उदयपुर. Motivational Story: ‘लोग मुझे तांगे वाले की बेटी कहकर मजाक उड़ाते थे, लेकिन आज वहीं लोग मुझे इंजीनियर बेटी कहते हैं। मेरे दादाजी ने आटे की चक्की चलाकर मुझे पढ़ाया।’ ये कहना है उदयपुर की इंजीनियर बेटी नेहा सक्का का। नेहा अपने परिवार की पहली इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं। वे जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड में जेइएन के पद पर कार्यरत हैं और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण देती हैं। उनका नाम इन्फ्लुएंसर वर्ल्ड बुक ऑफ रेकॉर्ड में भी दर्ज है।

मिला नेशनल एक्सीलेंस अवॉर्ड
नेहा ई-मोबिलिटी इन्फ्लुएंसर और प्रशिक्षक के तौर पर पहचानी जाती हैं। वे देशभर में महिलाओं और युवाओं को इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति जागरूक कर रही हैं। उन्हें नेशनल यूथ पार्लियामेंट 2022 में भारत सरकार ने नेशनल एक्सीलेंस एजुकेशन अवॉर्ड से सम्मानित किया था।

तोड़ी समाज की बेड़ियां
मेरी परवरिश भले ही छोटी जगह और गरीब परिवार में हुईं, लेकिन परिवार से मिले संस्कारों और शिक्षा ने हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। दादा मरहूम हाजी अब्दुल लतीफ चक्की वाले और मां जाहिदा बेगम ने रूढ़िवादी समाज की बेड़ियों को तोड़ कर सपनों को पंख दिए।
-नेहा सक्का

Published on:
30 Apr 2023 11:24 am
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