
उदयपुर
विधानसभा चुनाव 2008 में उदयपुर शहर व मावली सीट ने रेकॉर्ड बनाया, सर्वाधिक प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई। वर्ष 2008 के चुनाव में 52 तो 2013 में 44 प्रत्याशियों ने जमानत खो दी थी। 2008 के चुनाव में उदयपुर शहर व मावली में कुल 15 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा और 13-13 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई।
यों रहा था मुकाबला
2008: उदयपुर से मुख्य मुकाबला भाजपा के गुलाबचंद कटारिया व कांग्रेस के त्रिलोक पूर्बिया के बीच था। कटारिया ने पूर्बिया को 24 हजार वोटों से हराया। मावली में तब कांग्रेस के पुष्करलाल डांगी ने धर्मनारायण जोशी को करीब 4 हजार वोटों से हराया। वल्लभनगर से 7 तो सलूंबर से 6 जनों की जमानत जब्त हुई थी।
2013: उदयपुर शहर में 10 में से 8 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हुई। भाजपा के गुलाबचंद कटारिया ने कांग्रेस के दिनेश श्रीमाली को 24 हजार वोटों से हराया। मावली में 9 में से 7 प्रत्याशियों की राशि जब्त हो गई। भाजपा के दलीचंद डांगी ने कांग्रेस के पुष्करलाल डांगी को 23 हजार वोटों से हराया। सलूंबर में 9 में से 7, वल्लभनगर में 8 में से 6, खेरवाड़ा में 8 में से 6, झाड़ोल में 9 में से 7 की जमानत नहीं बची।
फैक्ट फाइल 2013
1641 उम्मीदवार नहीं बचा पाए थे अपनी जमानत, प्रदेश में कुल 2096 उम्मीदवार उतरे थे मैदान में
2008
1731 प्रत्याशियों की जमानत हुई थी जब्त प्रदेश में कुल 2194 प्रत्याशियों ने लड़ा था विधानसभा चुनाव