
डॉ सुशील सिंह चौहान/ उदयपुर . राजस्थान मेडिकल सर्विस कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक महावीर प्रसाद शर्मा दो दिवसीय यात्रा के तहत उदयपुर पहुंचे। उन्होंने आरएनटी मेडिकल कॉलेज एवं बड़ी स्थित मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा भण्डारों का निरीक्षण किया। आरएनटी मेडिकल कॉलेज में डॉ. दीपक सेठी ने उन्हें दवाइयों की आपूर्ति से जुड़ा शिड्यूल बताया और दवा की खपत के आधार पर कम पडऩे वाली दवाइयों का खाका पेश किया। इसी तरह जिला औषधि भण्डार के डॉ. राजेश कुमार भराडिय़ा की उपस्थिति में शर्मा ने बड़ी स्थित ड्रग वेयर हाउस का अवलोकन किया। शर्मा ने कहा कि राजकीय चिकित्सालयों में मरीजों को नि:शुल्क दवाइयों की कमी नहीं आने दी जाएगी। इसके लिए करीब 450 दवाओं को पाइप लाइन में लेकर खरीदा जा चुका है। खत्म होने से पहले ही स्टोर को दवाइयां उपलब्ध करा दी जाएंगी। उनका कहना था कि कुल 608 में 70 दवाएं रेट कांट्रेक्ट खत्म होने की वजह से नहीं मिल पा रही हैं। करीब 52 तरह की दवाइयां एक कंपनी को ब्लेक लिस्टेड करने की वजह से रोक दी गई है। कुछ दवाइयों के नमूने गड़बड़ पाए जाने पर इन्हें रोका गया है। गौरतलब है कि एमबी हॉस्पिटल एवं पन्नाधाय महिला चिकित्सालय में आए दिन दवाइयों की कमी से मरीजों को निराश लौटना पड़ता है। राजस्थान पत्रिका ने मरीजों विशेष तौर पर दवाइयों की कमी से परेशान होने वाले बुजुर्ग लोगों की समस्याओं को समय-समय पर प्रमुखता से उठाया।
इन कामों को मिली हरी झंडी
- बड़ी स्थित भंडार में बिजली समस्या से निजात दिलाने के लिए 25 केवीए क्षमता का डीजी सेट खरीदने के आदेश दिए।
- शीतल पेयजल सुविधा के लिए आरओ लगवाने की मंजूरी।
- बेसमेंट में दो शटर लगाने को कहा।
- पाइवर कर्टन के माध्यम से कबूतरों से दवाइयों को सुरक्षित रखने के लिए कहा।
- साफ सफाई में ढिलाई देख मामले को लेकर निविदा आमंत्रित करने की हरी झंडी दी।
- ड्रग वेयर हाउस के समीप आवश्यक प्लांटेशन को भी मंजूरी देने को कहाताकि छाया के बीच भण्डार का तापमान नियंत्रित किया जा सके।