
चंदनसिंह देवड़ा/उदयपुर. सलूंबर नगर पालिका में गुटबाजी का शिकार हुई भाजपा की कमलागांधी को अध्यक्ष की कुर्सी गंवानी पड़ गई है। अविश्वास पास होने के बाद अध्यक्ष के लिए हुए चुनाव में राजेश्वरी शर्मा विजयी हो गई। राजेश्वरी को 12 वोट जबकि कमला गांधी को 8 वोट मिले। भाजपा ने मतदान से ठीक पहले राजेश्वरी शर्मा को पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया था। उससे साफ हो गया कि इस अविश्वास से लेकर नया अध्यक्ष बनाने तक भाजपा की गुटबाजी का खामियाजा कमलागांधी को भुगतना पड़ा। 15 पार्षदों के साथ पार्टी के कई लोग कमलागांधी से अंदर ही अंदर खफा थे उसी का परिणाम आज सभी के समाने आ गया।
सुबह कड़ी सुरक्षा बंदोबस्त के बीच नामांकन हुआ जिसमें कमला गांधी और राजेश्वरी ने नामांकन दाखिल किया। दो बजे बाद मतदान हुआ जिसमें सभी 20 पार्षदोेंं ने मतदान किया। मतदान के बाद चुनाव अधिकारी एसडीओ धर्मराज गुर्जर ने परिणाम घोषित कर दिया जिसमें राजेश्वरी को अध्यक्ष पद पर विजयी घोषित किया। यहां पर आपको बता देंं कि कमला गांधी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने में 10 भाजपा के जबकि पांच कांग्रेस के पार्षद एकजुट थे, इनमेंं राजेश्वरी शर्मा भी शामिल थी। लेकिन आज जब मतदान से ठीक पहले भाजपा ने गेमचेंज करते हुए राजेश्वरी को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर दिया तो कांग्रेस के तीन पार्षद इस खेमे से टूटकर कमलागांधी के पक्ष मे मतदान कर आए। वहींं कमला गांधी के पाले में पांच भाजपा के पार्षद पहले से थे ऐसे मेंं कमला को 8 वोट मिले जबकि राजेश्वरी को 12 वोट मिले। कमला गांधी इस अविश्वास के बाद गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया और देहता भाजपा जिलाध्यक्ष पर राजनतिक साजिश रचने का आरोप लगा चुकी थी। इस परिणाम से कांग्रेस जो कुछ चाहती थी वह नहींं हो पाया भाजपा ने अध्यक्ष की कुर्सी कब्जे मेंं रखते हुए केवल चेहरा बदल दिया।