उदयपुर

उदयपुर में पहली बार आचार्य शिवमुनि और युवाचार्य महेन्द्र ऋषि महाराज का साथ मेें चातुर्मास

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Jul 20, 2018
SHIV MUNI
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मुकेश हिंगड़/उदयपुर. श्रमण संघ आचार्य डॉ. शिवमुनि महाराज के उदयपुर के चातुर्मास को सफल बनाने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। आचार्य संतों के साथ शनिवार को चातुर्मास के लिए मंगल प्रवेश करेंगे। उनके प्रवेश के लिए भी अशोकनगर से महाप्रज्ञ विहार तक शोभायात्रा निकाली जाएगी। आचार्य का प्रवचन भी चातुर्मास स्थल पर मेवाड़ी कला को प्रदर्शित करते हुए राजसी पांडाल में होगा। यह जानकारी श्री शिवाचार्य चातुर्मास आयोजन समिति के मुख्य संयोजक वीरेन्द्र डांगी ने गुरुवार को पत्रकारों को दी।

डांगी ने बताया कि श्री वद्र्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ व चातुर्मास आयोजन समिति के तत्वावधान में आचार्य के साथ युवाचार्य महेन्द्र ऋषि महाराज, शिरीष मुनि,शुभम मुनि आदि सहित दस संतों का शनिवार को अशोकनगर स्थित नाकोड़ा ज्योतिष कार्यालय से प्रात: 7 बजे शोभायात्रा के रूप में रवाना होंगे और प्रात: 9 बजे महाप्रज्ञ विहार में उनका प्रवेश होगा। चातुर्मास समन्वयक संजय भण्डारी ने बताया कि शोभायात्रा आयड़ पुलिया, 100 फीट रोड़, शोभागपुरा होते हुए महाप्रज्ञ विहार पहुंच धर्मसभा में परिवर्तित हो जाएगी। शोभायात्रा में महिलाएं लाल चुन्दड़ एवं पुरूष धवल वस्त्र, बालिकाएं सफेद सूट एवं लाल दुपट्टा पहने हुए होगी। साथ ही 51 बुलटधारी युवक जैन ध्वज लिए तो बच्चें स्केटिंग करते हुए चलेंगे, कुछ बच्चें एवं पुरूष साधु वेश धारण कर चलेंगे।

उपनगरीय क्षेत्रों से बसों का प्रबंध भी

प्रचार-प्रसार संयोजक संयोजक निर्मल पोखरना ने बताया कि प्रतिदिन धर्मसभा में भाग लेने के लिए उपनगरीय क्षेत्रों के विभिन्न स्थानों से बसों एवं अन्य साधनों की व्यवस्था की गई है तथा आयोजन को लेकर 24 समितियों का गठन किया गया है। इस दौरान समितियों के बसन्तीलाल कोठीफोड़ा, विजय सिसोदिया, टीनू माण्डावत, प्रवीण नवलखा, मुकेश चव्हाण, महेन्द्र तलेसरा आदि मौजूद थे।

ऐसे होंगे प्रमुख आयोजन

26 जुलाई : शाम को प्रतिक्रमण के साथ चातुर्मास प्रारंभ हो जाएंगे - 27 जुलाई : चातुर्मास का पहला दिन होगा, इसी दिन से नवकार मंत्र जाप भी शुरू होंगे। - 29 जुलाई : इस दिन से आत्म ध्यान साधना शिविर शुरू होंगे। - 6 सितंबर : पयुर्षण पर्व शुरू - 13 सितंबर : संवत्सरी पर्व मनाया जाएगा -- प्रतिदिन ऐसे होंगे आयोजन महाप्रज्ञ विहार में - प्रात: ध्यान, योग व प्रार्थना - सुबह प्रवचन - महिलाओं का धार्मिक प्रशिक्षण दोपहर में - सूर्यास्त के बाद प्रतिक्रमण - रात में धर्म चर्चा

Published on:
20 Jul 2018 01:59 pm