उदयपुर

मलमास में शुभ कार्य रहेंगे वर्जित , शुरू हुआ श्राद्ध पक्ष

श्राद्ध पक्ष व नवरात्र में इस बार एक माह का अंतर

2 min read
Sep 04, 2020
shradhdha paksh

उमेश मेनार‍िया /मेनार. इस बार अश्विन माह में अधिक मास यानी मलमास लगने जा रहा है। जिस कारण श्राद्ध पक्ष के एक माह बाद शारदीय नवरात्र शुरू होंगे। ज्योतिष विद्वानों अनुसार आश्विन मास में अधिक मास लगना और श्राद्ध पक्ष के एक महीने बाद दुर्गा पूजा आरंभ होना ऐसा संयोग दुर्लभ है। वैसे तो पितृ पक्ष समाप्त होने के अगले दिन से ही नवरात्र शुरू हो जाते हैं। लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। पण्डित अम्बा लाल शर्मा के अनुसार तीन साल बाद 2020 में अश्विन माह में अधिक मास यानी मलमास लगने जा रहा है। जिस कारण श्राद्ध पक्ष के एक माह बाद शारदीय नवरात्र शुरू होंगे। इस बार शारदीय नवरात्र 17 अक्टूबर से शुरु होकर 25 अक्टूबर तक रहेंगे। इन दिनों माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना की जाती है। सनातन धर्म का यह एक महत्वपूर्ण पर्व है जिसे देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है।

16 अक्टूबर को समाप्त होगा अधिक मास : अधिक मास लगने के कारण ही इस बार चातुर्मास चार महीने की बजाय पांच महीने का है। ऐसा माना जाता है कि अधिक मास में किए गए धार्मिक कार्यों का अन्य माह की अपेक्षा 10 गुना अधिक फल मिलता है। अधिक मास 18 सितंबर से लग रहा है और इसकी समाप्ति 16 अक्टूबर को होगी। अधिक मास में शुभ कार्य वर्जित होते हैं । इस कारण लोग इसे मलमास भी कहते हैं। मलमास में विवाह, मुंडन, गृहप्रवेश जैसे शुभ कार्य नहीं करने की मान्यता है। इस महीने को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। भागवत कथा सुनने और प्रवचन सुनने का इस माह में विशेष महत्व माना गया है। कहा जाता है कि इस महीने दान पुण्य करने से मोक्ष के द्वार खुलते हैं।

यह होता है अधिक मास: एक सूर्य वर्ष होता है जो 365 दिन और करीब 6 घंटे का होता है, जबकि चंद्र वर्ष 354 दिनों का माना जाता है। दोनों के बीच लगभग 11 दिनों का अंतर होता है। यही अंतर हर तीन साल में एक माह के बराबर हो जाता है। इस अंतर को दूर करने के लिए ही हर तीन साल में एक चंद्र मास अधिक हो जाता है, जिसे अधिक मास का नाम दिया गया है।

श्राद्ध पक्ष 17 सितंबर तक चलेगा : हिंदू धर्म के लोगों के लिए ये दिन बेहद ही खास माने जाते हैं। पितृ पक्ष में पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध कर्म किए जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अगर पितृ नाराज हो जाएं तो इससे घर परिवार के लोगों की तरक्की में बाधाएं उत्पन्न होने लगती हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार पितृ पक्ष अश्विन मास के कृष्ण पक्ष से शुरू होता है। इस तिथि के अनुसार पितृ पक्ष इस बार 2 सितंबर से शुरू हुआ है और इसकी समाप्ति 17 सितंबर को होगी।

Updated on:
04 Sept 2020 04:17 pm
Published on:
04 Sept 2020 04:11 pm
Also Read
View All