
सलूम्बर. तहसील क्षेत्र में तालुका विधिक सेवा समिति अध्यक्ष राकेश रामावत (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) के निर्देशन में चल रहे डोर-टू-डोर विधिक जागरूकता अभियान के तहत गुरुवार को उथरदा क्षेत्र से दो विमंदितों को महाराणा भूपाल चिकित्सालय, उदयपुर में उपचार के लिए दाखिल करवाया गया।
गौरतलब है कि माली हालत दयनीय होने के कारण परिजनों ने लाचार दोनों विमंदितों के उपचार की सहायता पर तालुका विधिक सेवा समिति का आभार जताया। तालुका सचिव राजेन्द्रकुमार नायक ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) नई दिल्ली एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उदयपुर के निर्देशानुसार 09 से 18 नवम्बर के मध्य तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों में घर-घर सम्पर्क कर विधिक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
हालत देखकर भर आई आंखें
उथरदा गांव में रहने वाले मोतीराम व प्रकाश जोशी दिहाड़ी मजदूरी व खेती-बाड़ी कर अपना घर-गुजारा बमुश्किल करते हैं। नियति ने उनके साथ क्रूर मजाक किया और दोनों के विमंदित नौनिहाल पलने-बढऩे लगे। आसपास देवी-देवरों, नीम-हकीमों व अस्पतालों में उपचार कराने के बाद भी उनकी हालत नहीं सुधरी। थक-हारकर अपने बच्चों को दोनों अभिभावकों ने सीने पर पत्थर रखकर पेड़ के सहारे बेडिय़ों से जकड़ दिया। इस हाल में देख पैरालीगल वॉलंटीयर देवीलाल गर्ग की आंखें भर आई। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना खेरवाड़ा तालुका के पैरालीगल वॉलंटीयर संतोष रावल, चन्दूलाल मेघवाल और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उदयपुर को सूचित किया। इस पर तालुका विधिक सेवा समिति अध्यक्ष राकेश रामावत (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) ने तत्काल पुलिस थाना, झल्लारा को मौके पर जाने और विमंदितों को अस्पताल पहुंचाने के लिए निर्देशित किया।