
Who Is Naveen Choubisa: उदयपुर के बड़ी गांव के निवासी नवीन चौबीसा का जीवन किसी प्रेरणा से कम नहीं है। सीमित साधनों और भारी जिम्मेदारियों के बावजूद, उन्होंने कभी हार नहीं मानी। अपनी गरीबी के बावजूद, नवीन ने काम की कोई शर्म नहीं की। दिल्ली की निजामुद्दीन ट्रेन में शौचालय साफ करने जैसे कठिन कार्य किए और घर-घर जाकर सर्वे का काम भी किया। इस दौरान उनकी शिक्षा भी जारी रही, भले ही परिस्थितियां कठिन थीं।
हालांकि परिवार को उनका यह काम पसंद नहीं आया और उन्होंने उन्हें घर लौटकर कोई छोटा-मोटा काम करने की सलाह दी। नवीन ने परिवार की बात मानी और उदयपुर लौटकर एक स्कूल में 1700 रुपए महीने की नौकरी जॉइन की। यह नौकरी ही उनके जीवन में मोड़ लाने वाली साबित हुई। स्कूल में काम करते हुए उनकी पढ़ाई की ललक और आत्मविश्वास भी बढ़ा। दिन में नौकरी और रात में पढ़ाई करके उन्होंने अपनी शिक्षा को नया दिशा दी।
नवीन ने बीकॉम, बीबीए, डीएलएड जैसी डिग्रियां हासिल की और साथ ही एंकरिंग भी सीखी। उनका आत्मविश्वास बढ़ा और मंच पर बोलने की क्षमता भी विकसित हुई। कई सुंदरकांड पाठ के आयोजनों में भी उन्हें बुलावा आने लगा। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की लिखित परीक्षाओं में भी सफलता पाई, और अपने स्किल्स को लगातार निखारा।
नवीन की कहानी में एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो बनाना शुरू किया। शुरुआत में उन्होंने कॉमेडी और किरदारों के वीडियो बनाए, मगर फॉलोअर्स की संख्या में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई।
निराश होकर भी, उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी कंटेंट स्टाइल बदलकर कहानियां और रोजमर्रा के किरदारों को प्रस्तुत करना शुरू किया। इस बदलाव के बाद, उन्हें लोकप्रियता मिली और फॉलोअर्स की संख्या तेजी से बढ़ी।
नवीन का सपना सरकारी शिक्षक बनने का है, क्योंकि उनके गांव में यह एक प्रतिष्ठित पेशा माना जाता है। हालांकि वह यह भी मानते हैं कि हास्य उनके लिए केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज से संवाद का एक प्रभावी तरीका है। इसलिए वह अपनी यात्रा में हास्य को भी साथ रखते हुए आगे बढ़ रहे हैं।
नवीन चौबीसा की कड़ी मेहनत और संघर्ष का परिणाम उन्हें सफलता के रूप में मिला। जब उन्होंने अपनी सोशल मीडिया की कमाई से पहली कार खरीदी, तो उनके पिता, पन्नालाल चौबीसा को बहुत गर्व महसूस हुआ। पिता का गर्व और खुशी देखना नवीन के लिए जीवन का सबसे खुशी का पल था।