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बजरी भरे डंपर ने युवक को कुचला, सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन

शहर से सटे बेदला की घटना उदयपुर. सुखेर थाना क्षेत्र के बेदला गांव के खटीकवाड़ा में रविवार को बजरी से भरे डंपर ने युवक को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मौके से भाग रहे डंपर चालक की लोगों ने धुनाई कर दी। परिजनों और ग्रामीणों ने शव सड़क पर ही […]

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शाम तक परिजनों और ग्रामीणों से समझाइश का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। आखिर करीब 6 घंटे बाद डंपर मालिक की ओर से 5 लाख का मुआवजा देने के बाद माहौल शांत हुआ।

शाम तक परिजनों और ग्रामीणों से समझाइश का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। आखिर करीब 6 घंटे बाद डंपर मालिक की ओर से 5 लाख का मुआवजा देने के बाद माहौल शांत हुआ।

शहर से सटे बेदला की घटना

उदयपुर. सुखेर थाना क्षेत्र के बेदला गांव के खटीकवाड़ा में रविवार को बजरी से भरे डंपर ने युवक को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मौके से भाग रहे डंपर चालक की लोगों ने धुनाई कर दी। परिजनों और ग्रामीणों ने शव सड़क पर ही रखकर हंगामा किया।

हादसा शहर से सटे बेदला के खटीकवाड़ा में दोपहर 2 बजे हुआ। हादसे में बेदला निवासी सत्यनारायण (45) पुत्र भगवान लाल सोलंकी की मौत हो गई। वे घर से निकलकर पैदल ही बाजार जा रहे थे। यहां से गुजर रहे बजरी भरे डंपर ने टक्कर मार दी, जिससे मौके पर ही मौत हो गई। डंपर सापेटिया से फतहपुरा की तरफ जा रहा था। हादसे के बाद भीड़ जमा हो गई। मौके पर पहुंचे परिजनों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर रास्ता रोककर हंगामा किया। मुआवजे की मांग पूरी होने पर 6 घंटे बाद शाम 7 बजे शव उठाया गया।-----

मुआवजे की मांग पर हंगामा

लोगों ने मुआवजे की मांग की। शाम तक परिजनों और ग्रामीणों से समझाइश का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। आखिर करीब 6 घंटे बाद डंपर मालिक की ओर से 5 लाख का मुआवजा देने के बाद माहौल शांत हुआ। बड़गांव तहसीलदार हितेश त्रिवेदी ने नियमानुसार सरकारी सहायता दिलाने का भी भरोसा दिलाया।

मौके पर मातम का माहौल

ग्रामीणों ने बताया कि मृतक के आश्रित परिवारजनों की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। मृतक सत्यनारायण सोलंकी घर के बाहर ही पंचर की दुकान चलाता था और पत्नी भी प्राइवेट नौकरी करती है। ऐसे में परिवार आर्थिक रूप से बहुत मजबूत नहीं रहा है। मृतक सत्यनारायण के दो बेटे हैं। मौके पर पहुंची पत्नी का मातम करते बुरा हाल हो गया।