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यातायात प्रबंधन पर सकारात्मक संकेत, पुलिस अपनाएगी फरीदाबाद ट्रेनिंग मॉडल

रोड एक्सिडेंट इन्वेस्टिगेशन एंड रोड सेफ्टी मैनेजमेंट ट्रेनिंग से मिलेगी दिशाउदयपुर. शहर में यातायात सबसे बड़ी समस्या है, जिससे न सिर्फ पर्यटक, बल्कि स्थानीय नागरिक भी जूझते हैं। हाल ही के राज्य बजट में भी शहरी यातायात सुधार के लिए घोषणा की गई। घोषणा धरातल पर उतरे, उससे पहले उदयपुर में सड़क हादसों की बढ़ती […]

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शहर की सड़क सुरक्षा योजनाओं, दुर्घटना जांच प्रोटोकॉल और यातायात प्रबंधन में सीधे रूप से लागू होगा, जिससे दुर्घटना मृत्यु दर घटाने, सड़क पर चलना आसान बनाने और सुरक्षित शहर के लक्ष्य की दिशा को बल मिलेगा

शहर की सड़क सुरक्षा योजनाओं, दुर्घटना जांच प्रोटोकॉल और यातायात प्रबंधन में सीधे रूप से लागू होगा, जिससे दुर्घटना मृत्यु दर घटाने, सड़क पर चलना आसान बनाने और सुरक्षित शहर के लक्ष्य की दिशा को बल मिलेगा

रोड एक्सिडेंट इन्वेस्टिगेशन एंड रोड सेफ्टी मैनेजमेंट ट्रेनिंग से मिलेगी दिशा

उदयपुर. शहर में यातायात सबसे बड़ी समस्या है, जिससे न सिर्फ पर्यटक, बल्कि स्थानीय नागरिक भी जूझते हैं। हाल ही के राज्य बजट में भी शहरी यातायात सुधार के लिए घोषणा की गई। घोषणा धरातल पर उतरे, उससे पहले उदयपुर में सड़क हादसों की बढ़ती संख्या और शहरी यातायात की जटिलता पर ध्यान दिया गया है।इसे लेकर मोटर परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय और इंस्टिट्यूट आॅफ रोड ट्राफिक एजुकेशन की ओर से फरिदाबाद में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ। जिसमें उदयपुर के ट्रैफिक डिप्टी अशोक आंजना ने राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने उदयपुर की ट्रैफिक चुनौतियां जैसे ट्रैफिक दबाव, एक्सीडेंट हॉटस्पॉट, पोस्ट क्रैश रिस्पांस, डिजिटल साक्ष्य और आधुनिक टेक्नोलॉजी के समाधान पर चर्चा की। यह ट्रेनिंग उदयपुर की सड़क सुरक्षा रणनीति में एक नया अध्याय जोड़ रहा है, जिससे नागरिकों की सुरक्षा व यातायात व्यवस्था दोनों मजबूत होंगी। रोड एक्सिडेंट इन्वेस्टिगेशन एंड रोड सेफ्टी मैनेजमेंट ट्रेनिंग प्रोग्राम से लौटे ट्राफिक डिप्टी न सिर्फ तौर तरीकों को उदयपुर में अपनाएंगे, बल्कि प्रदेश के लिए भी मिसाल बनेगी।

प्रशिक्षण का उद्देश्य

सड़क सुरक्षा के वैज्ञानिक उपाय सीखने को लेकर मंथन- दुर्घटना का सही तरीके से फोरेंसिक निरीक्षण किया जाना- हादसे के बाद घायलों की सहायता का प्रोटोकॉल समझना- आधुनिक तकनीकी से यातायात प्रबंधन बेहतर किया जाना---प्रशिक्षण के अहम बिंदु- सड़क सुरक्षा की नींव : यातायात अधिकारियों ने समझा कि ट्रैफिक मैनेजमेंट केवल पुलिस कंट्रोल नहीं, बल्कि विशेषज्ञता, नीति, रोड डिजाइन और कंट्रोल का साइंस है।

रोड ट्राफिक नियम

केंद्रीय व राज्य स्तर पर शहरों में संचालित सड़क नियमों, मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों और नए बदलावों को समझाया गया है।- यातायात नियंत्रण: उपकरणों में सिग्नल, मार्किंग और लेआउट के मानकीकृत नियम शामिल हैं, जो उदयपुर के भीड़भाड़ वाले चौराहों पर लागू किए जा सकते हैं।

उदयपुर में यातायात

नियमों का उल्लंघन दुर्घटनाओं का कारण है। मोटर व्हीकल ड्राइविंग रेगुलेशन के तहत ड्राइविंग रूल्स व ड्राइवर व्यवहार का विश्लेषण हुआ।- दुर्घटना के तुरंत बाद की प्रक्रिया: घायल व्यक्तियों के प्राथमिक इलाज, दुर्घटनास्थल की सुरक्षित व्यवस्था और इमरजेंसी रेस्पोंस कॉर्डिनेशन का व्यवहारिक अभ्यास किया।

टेक्नोलॉजी

इन ट्राफिक मैनेजमेंट एंड इन्फॉर्समेंट के तहत ड्रोन, जीपीएस मैपिंग, स्केचिंग सॉफ्टवेयर से उदयपुर में हॉटस्पॉट मॉनिटरिंग के लिए अहम साबित होगी।

उदयपुर में ऐसे लागू होगी ट्रेनिंग

दुर्घटना संभावित जगहों की जांच की जाएगी- डिजिटल साक्ष्य का इस्तेमाल किया जाएगा

हादसों के बाद तुरंत राहत पर जोर दिया जाएगा

रोड सेफ्टी आॅडिट के आधार पर सड़क सुधार

टॉपिक एक्सपर्ट

प्रशिक्षण ने न केवल नियम और तकनीक सिखाई, बल्कि सड़क सुरक्षा को पूर्ण रूप से एक वैज्ञानिक, अनुशासित और रणनीतिक दृष्टिकोण के रूप में प्रस्तुत किया। इससे शहर की सड़क सुरक्षा योजनाओं, दुर्घटना जांच प्रोटोकॉल और यातायात प्रबंधन में सीधे रूप से लागू होगा, जिससे दुर्घटना मृत्यु दर घटाने, सड़क पर चलना आसान बनाने और सुरक्षित शहर के लक्ष्य की दिशा को बल मिलेगा।
अशोक आंजना, ट्रैफिक डिप्टी, उदयपुर