
RSSB अध्यक्ष आलोक राज। फोटो: सोशल
राजस्थान में सरकारी नौकरी की राह देख रहे लाखों युवाओं के लिए परीक्षाओं का परिणाम आने से पहले प्रश्नों के डिलीट होने का डर सताने लगा है। हाल ही में संपन्न हुई चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती परीक्षा 2025 को लेकर सोशल मीडिया पर एक विवाद छिड़ गया है, जहाँ परीक्षा की शुचिता और विशेषज्ञता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल एक डिजिटल चित्र ने इस बहस को और गरमा दिया है। इस चित्र में प्रतीकात्मक रूप से यमलोक का दृश्य दिखाया गया है, संदीप नाम के एक युवक की आईडी से ये पोस्ट की गई है। जहाँ एक यमराज जैसा पात्र एक नेता या अधिकारी से सवाल पूछ रहा है, … बता, चतुर्थ श्रेणी में कितने प्रश्न डिलीट हुए हैं… यह व्यंग्यात्मक चित्रण उन अभ्यर्थियों के गुस्से और हताशा को दर्शाता है जो दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन अंत में बोर्ड द्वारा प्रश्न डिलीट कर दिए जाने या उत्तर बदल दिए जाने से उनकी मेरिट प्रभावित होती है। सबसे बड़ी बात ये है कि ये नेता जैसे दिखने वाले शख्स परीक्षा आयोजित कराने वाली संस्था राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज हैं।
संदीप नाम के शख्स की आईडी से भेजे गए इस मैसेज के बारे में अध्यक्ष आलोक राज ने भी अपना जवाब दिया है। उन्होंने लिखा कि… संदीप जी, इतनी सर्दी में गर्मी एहसास………अच्छा लगता है। मगर याद रहे जब किसी के लिए गलत सोचो तो वो विपदा खुद पर भी वो चरितार्थ हो सकती है। इसीलिए दूसरों के लिए भी अच्छा-अच्छा ही सोचो। वैसे फोर्थ क्लास परीक्षा में हर पारी में एक दो प्रश्न ही डिलीट या उत्तर चेंज होने की संभावना है।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित इस परीक्षा में 21 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे। उत्तर कुंजी जारी होने के बाद, आपत्तियों के लिए 6 से 8 दिसंबर 2025 तक विंडो खोली गई थी। चर्चा है कि चतुर्थ श्रेणी भर्ती की प्रत्येक पारी में 1 से 2 प्रश्न डिलीट होने या उत्तर में बदलाव की संभावना जताई जा रही है। अभ्यर्थी लगातार परीक्षा का परिणाम जारी करने की भी मांग कर रहे हैं। RSSB अध्यक्ष का कहना है कि जल्द ही परिणाम जारी कर दिए जाएंगे।
अभ्यर्थियों का तर्क है कि एक भी प्रश्न का गलत होना या डिलीट होना उनकी वर्षों की तपस्या को खत्म कर सकता है। बोर्ड ने कड़ा रुख अपनाते हुए अब यह नियम बनाया है कि यदि भविष्य में प्रश्न डिलीट हुए, तो पेपर सेट करने वाले विशेषज्ञों पर भारी पेनल्टी और कार्रवाई की जाएगी। चतुर्थ श्रेणी भर्ती का अंतिम परिणाम 15 जनवरी 2026 तक आने की उम्मीद है, जिससे प्रदेश के 53,749 पदों पर नियुक्ति का रास्ता साफ होगा।
Updated on:
04 Jan 2026 10:33 am
Published on:
04 Jan 2026 10:26 am
