रेलवे ने पालतू जानवरों को ट्रेन में बिना बुकिंग ले जाने पर सख्ती बढ़ा दी है। अब नियम तोड़ने पर 6 गुना तक जुर्माना वसूला जाएगा। 2025-26 में उदयपुर सिटी स्टेशन से 79 पेट्स की बुकिंग हुई। पालतू जानवर फर्स्ट एसी या डॉग बॉक्स में ले जाए जा सकते हैं।
उदयपुर: पशु प्रेमियों के लिए अब ट्रेन से अपने पालतू जानवरों को ले जाना आसान हो गया। इन पशुओं को लाने और ले जाने के लिए आईआरसीटीसी की वेबसाइट या पार्सल कार्यालय से बुकिंग कराई जाती है।
हालांकि, जानकारी के अभाव में लोग इस सुविधा का प्रयोग कम ही करते हैं, पर यह संख्या हर साल बढ़ रही है। अब बिना बुकिंग या दस्तावेज के साथ पालतू जानवरों को ट्रेन में ले जाने पर संबंधित यात्री पर कार्रवाई होगी।
रेलवे ने अब जुर्माना भी बढ़ाकर छह गुना कर दिया। उदयपुर सिटी रेलवे स्टेशन से वित्तीय वर्ष 2025-26 में 79 से अधिक पेट्स ट्रेन से गए। वहीं, बाहर से आने वालों की संख्या 46 रही। इनमें अधिकतर डॉग्स रहे। इसके बाद बिल्लियां और तोते रहे। हालांकि, इनकी संख्या कुत्तों की तुलना में बहुत कम रही।
ट्रेन में पालतू कुत्तों, बिल्ली, पक्षी आदि केवल फर्स्ट एसी या कूपे में ही यात्री के साथ ले जाने की अनुमति है। इसके लिए पूरा कूपे या केबिन आरक्षित होना आवश्यक है। सहयात्रियों की सहमति एवं टीटीई की अनुमति भी जरूरी है।
कुत्ता, बिल्ली और अन्य पालतू जानवरों को पार्सल अथवा ब्रेकवान (लगेज वैन) से भी परिवहन किया जा सकता है। इस स्थिति में जानवर को गार्ड के पास डिब्बे में पहले से स्थापित डॉग बॉक्स में सुरक्षित रूप से रखा जाता है।
यदि यात्री के साथ अनबुक डॉग पकड़ा जाता है तो यात्री टिकट की दूरी के बराबर का स्केल एल का 6 गुना भाड़ा 60 किग्रा. वजन का वसूल किया जाएगा, न्यूनतम शुल्क 50 रुपए लिया जाएगा। अगले स्टेशन पर डॉग को गार्ड के ब्रेकवान में भेज दिया जाएगा।
डॉग बिना बुक दृष्टिबाधित यात्री के साथ प्रथम श्रेणी में मिलता है तो पूरी दूरी का 30 किग्रा वजन का स्केल एल का 6 गुना भाड़ा वसूल किया जाएगा। न्यूनतम भाड़ा 50 रुपए वसूल किया जाएगा। दोनों ही स्थितियों में भाड़े पर 2 प्रतिशत विकास प्रभार और 5 प्रतिशत जीएसटी भी वसूला जाएगा।
जानवरों की बुकिंग के लिए यात्री को यात्रा से पूर्व संबंधित स्टेशन के पार्सल कार्यालय में संपर्क कर आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण करनी होती है। इसमें जानवर का वजन, निर्धारित प्रपत्र भरना एवं शुल्क जमा करना शामिल है। बुकिंग के बाद रेलवे रसीद जारी की जाती है।
बुकिंग के लिए पशु चिकित्सक द्वारा जारी स्वास्थ्य प्रमाण पत्र, वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र एवं स्वामी का पहचान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य है। परिवहन शुल्क वजन एवं दूरी के आधार पर निर्धारित किया जाता है। इस पर 2 प्रतिशत विकास प्रभार एवं 5 प्रतिशत जीएसटी अतिरिक्त देय होता है।