उदयपुर

video : कैनवास पर उतार रहे आदिम संस्कृति को, 14 मार्च को लगेगी प्रदर्शनी

- पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला 'लोकलोर' जारी
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Mar 13, 2019
loklore workshop
video : कैनवास पर उतार रहे आदिम संस्कृति को, 14 मार्च को लगेगी प्रदर्शनी

राकेश शर्मा राजदीप/उदयपुर . हस्तशिल्प और लोककलाओं के लिए विश्व मानचित्र में अलहदा मुकाम रखने वाले शिल्पग्राम के पास स्थित आमंत्रा शिल्पी रिसोर्ट में देश-दुनिया की आदिम संस्कृति को उकेरने के लिए कई राज्यों के ख्यात कलाकार कला सृजन में जुटे हैं। संयोजक प्रो.मदन सिंह राठौड़ ने बताया कि मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय के दृश्य कला विभाग और जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के साझे में पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला 'लोकलोर' में देश-दुनिया के दो दर्जन से अधिक कलाकार विभिन्न विधाओं में कलाकृतियां बना रहे हैं। इतना ही नहीं, इस कला शिविर में ये कलाकार आदिम कलाओं के संरक्षण और आदिम एवं समकालीन अकादमिक कलाकारों के बीच संवाद सेतु स्थापित करने का काम भी कर रहे हैं। शिविर के समापन अवसर पर 14 मार्च को सभी कृतियों की प्रदर्शनी लगाई जाएंगी। इस शिविर में नेपाल से आए कलाकार किशोर वहां की परंपरागत टंका आर्ट सृजन रहे हैं। तो बिहार के आर्टिस्ट श्रवण कुमार सहित वंदना कुमारी मधुबनी पेंटिंग बना रहे हैं। उदयपुर के फूला गमेती शादी और मांगलिक कार्यों में घरों में गोतरेज पेंटिंग बना कर अपनी पुरखों की थाती को सहेज रहे हैं। इनके साथ आंध्र प्रदेश के चिदंबरम अपनी जीवन संगिनी के साथ नायाब लेदर पपेट आर्ट सृजित करने में लीन देखे जा सकते हैं। इधर, वर्कशॉप में पेसिफिक कॉलेज डीन सोशल साइंस भावना देथा जैसे कई ऐसे स्थानीय कलाप्रेमी और स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी भी पहुंचे हैं जो इन ख्यात आर्टिस्टों से पेंटिंग्स के गुर सीख रहे हैं।

Published on:
13 Mar 2019 05:58 pm