
उदयपुर. नगर निगम के बहुचर्चित 272 भूखंड घोटाले में दो करोड़ रुपए की कथित रिश्वत के मामले की जांच अब एक लग्जरी गाड़ी तक पहुंच गई है। एसीबी की प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया कि गिरफ्तार एसओजी एएसपी मुकेश सोनी 24 सितंबर को 50 लाख की जिस लग्जरी गाड़ी में रानी रोड पहुंचा था, वह चित्तौड़गढ़ के सावा के चर्चित उद्यमी रहे शेर खां के पुत्र शाहिद खां की है। इसी गाड़ी में परिवादी निरंजन मोगरा और दलाल सज्जन सिंह टाटला के साथ उसकी मुलाकात हुई थी। जांच के अनुसार सोनी ने बातचीत के दौरान मुंह से रकम बताने के बजाय मोबाइल पर दो करोड़ रुपए की मांग लिखकर दिखाई थी। सीसीटीवी फुटेज और अन्य तथ्यों की तस्दीक के बाद एसीबी ने गाड़ी को मल्लातलाई क्षेत्र से जब्त कर अम्बामाता थाने में रखवा दिया है।
दूसरा व्यक्ति गाड़ी लेकर पहुंचा था सोनी के पास
जांच में सामने आया कि गाड़ी का मालिक खुद इसे एएसपी सोनी के पास लेकर नहीं आया था। नरेन्द्र नाम का व्यक्ति यह गाड़ी लेकर सोनी के पास पहुंचा और उसे सौंपकर चला गया। इसके बाद सोनी इसी गाड़ी से रानी रोड पहुंचा। वहां निरंजन मोगरा और सज्जन सिंह टाटला दूसरी गाड़ी से पहुंचे। दोनों सोनी की गाड़ी में बैठे। इसी दौरान रिश्वत की डील को लेकर बातचीत हुई। बाद में दोनों गाड़ी से उतर गए और सोनी वहां से चला गया। आगे एक चौराहे पर नरेंद्र पुनः आया और गाड़ी ले गया। इसके अगले दिन सोनी बालोतरा रवाना हो गया।
सीसीटीवी से जुड़े तार, तीनों कार में दिखे
रानी रोड पर इस मुलाकात की अहम कड़ी वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। एसीबी ने फुटेज खंगाली तो सोनी, मोगरा और टाटला के वहां पहुंचने तथा गाड़ी में बैठने की गतिविधियां सामने आईं। फुटेज की तस्दीक और अन्य जांच के बाद एसीबी ने उस गाड़ी को जब्त कर लिया। अब जांच एजेंसी गाड़ी के मालिक और उसे सोनी तक पहुंचाने वाले व्यक्ति से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि गाड़ी किसके कहने पर दी गई, उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से हुआ और एएसपी तक पहुंचने की पूरी कड़ी में कौन-कौन शामिल था।
शेर खां परिवार से जुड़ीरिश्वत कांड की कड़ी
गाड़ी शेर खां सावा के पुत्र से जुड़ी होने की जानकारी सामने आने के बाद जांच में एक पुराना संदर्भ भी जुड़ गया है। शेर खां वर्ष 2015 के चर्चित ढाई करोड़ रुपए के रिश्वत प्रकरण में एसीबी कार्रवाई में गिरफ्तार हुआ था। उस कार्रवाई में तत्कालीन एसीबी आइजी दिनेश एमएन की टीम शामिल थी। मामले में तत्कालीन आइएएस अशोक सिंघवी सहित कई लोगों की गिरफ्तारियां हुई थीं। सुनवाई के दौरान शेर खां की मृत्यु हो गई थी। अब उनके पुत्र शाहिद से जुड़ी बताई जा रही गाड़ी का 272 भूखंड घोटाले के कथित रिश्वत प्रकरण में इस्तेमाल होना जांच का नया बिंदु बन गया है। जांच एजेंसी एएसपी सोनी और गाड़ी मालिक के बीच संबंधों की भी पड़ताल कर रही है। बताया जा रहा है कि सोनी का अम्बामाता क्षेत्र में सरकारी आवास था और उसके पीछे ही शेर खां के पुत्र का आवास है। ऐसे में दोनों के संपर्क और गाड़ी उपलब्ध कराने की परिस्थितियां भी जांच के दायरे में हैं।
टाटला को चौथाई हिस्से की उम्मीद
एसीबी ने सोनी और टाटला से अलग-अलग पूछताछ कर यह जानने का प्रयास किया कि कथित दो करोड़ रुपए की रकम में किसका कितना हिस्सा तय था। पूछताछ में दोनों की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं मिलने की बात सामने आई है। हालांकि, जांच के अनुसार टाटला ने पूछताछ में बताया कि उसे उम्मीद थी कि कुल रकम का एक चौथाई हिस्सा उसे मिल सकता है। उसका कहना था कि वह इस रकम से अपना कर्ज चुका सकता था। कर्ज की रकम और उसके कारणों को लेकर उसने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी।