Udaipur ACB Action: उदयपुर में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने रविवार शाम कार्रवाई कर एक एएसआइ को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। प्रतापनगर थाने के एएसआइ सुनील विश्नोई ने यह राशि रेप की कोशिश और छेड़छाड़ के मामले में मुकदमा दर्ज नहीं करने के एवज में मांगी थी।
Udaipur ACB Action: उदयपुर। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने रविवार शाम कार्रवाई कर एक एएसआइ को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। प्रतापनगर थाने के एएसआइ सुनील विश्नोई ने यह राशि रेप की कोशिश और छेड़छाड़ के मामले में मुकदमा दर्ज नहीं करने के एवज में मांगी थी। जानकारी के अनुसार, एएसआई शिकायतकर्ता को लगातार धमका रहा था और रिश्वत नहीं देने पर झूठे मामले में फंसाने की बात कह रहा था। परेशान होकर पीड़ित ने इस बात की शिकायत एसीबी को दी।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने सबसे पहले मामले का गोपनीय सत्यापन करवाया। सत्यापन में रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि सही पाई जाने के बाद ट्रैप की योजना बनाई। शिकायतकर्ता ने शोभागपुरा स्थित ऑर्बिट रिसॉर्ट की पार्किंग में एएसआई को 1 लाख रुपए देने के लिए बुलाया। इसी दौरान पहले से जाल बिछाकर बैठी टीम ने उसे पकड़ लिया।
एसीबी की ओर से आरोपी से पूछताछ करने के साथ ही मामले की जांच की जा रही है। इस प्रकरण में एक महिला ने रेप की कोशिश और छेड़छाड़ के आरोप में थाने में लिखित शिकायत दी थी, परन मामले को दर्ज करने के बजाय शिकायत में ही लंबित रखा गया। आरोप है कि मुकदमा दर्ज नहीं करने के बदले एएसआइ ने रिश्वत की मांग की।
सुनील विश्नोई पहले सुखेर थाने में तैनात थे। सितंबर 2025 में आरडीएक्स क्लब एंड बार में 6 ग्राहकों के साथ बाउंसर्स से मारपीट के मामले में कार्रवाई नहीं करने के गंभीर आरोप लगे थे। इस पर एसपी ने उन्हें हटाकर डीएसपी ऑफिस वेस्ट में अटैच कर दिया था। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच भी हुई थी। इसके बाद अक्टूबर 2025 में एक अन्य मामले में लापरवाही सामने आने पर सुनील विश्नोई को लाइन हाजिर किया था।
बता दें कि 12 मई को एसीबी इन्टेलीजेंस यूनिट उदयपुर ने कार्रवाई कर जीपीएफ के वरिष्ठ सहायक को एक लाख रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। आरोपी ने डेथ क्लेम पास करने की एवज में डेढ़ लाख रुपए मांगे, जिसमें से एक लाख रुपए लेते पकड़ा गया। एसीबी के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया था कि आरोपी राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग के वरिष्ठ सहायक शेखर मथुरिया को एक लाख रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया।