
उदयपुर. 64 खानों पर बिछी शतरंज की बिसात पर एक चाल पूरी बाजी का रुख बदल देती है। कभी धैर्य, एकाग्रता व दूरदृष्टि के दम पर खिलाड़ी शह से मात तक का सफर तय करता है। यही शतरंज अब लेकसिटी के हजारों बच्चों और युवाओं के सपनों को नई दिशा दे रहा है। उदयपुर में वर्तमान में करीब 5 हजार खिलाड़ी शतरंज से जुड़े हैं। मेवाड़ की माटी ने हमेशा अपनी वीरता और प्रतिभा से दुनिया को चौंकाया है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उदयपुर के युवा शतरंज खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बिसात पर अपनी चालों से धाक जमाई है। विश्व शतरंज दिवस पर पेश एक रिपोर्ट।
मिलिए उदयपुर के चमकते सितारों से
1. कियान्ना परिहार: वुमन कैंडिडेट मास्टर का खिताब हासिल करने वाली कियान्ना प्रदेश की सबसे कम उम्र की डब्ल्यूसीएम हैं। उन्होंने साल 2023 में एशियन यूथ चैंपियनशिप (अंडर-8) का खिताब जीता। इसके बाद 2024 में नेशनल अंडर-9 चैंपियन बनीं और 2025 में वर्ल्ड कैडेट चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया। वे अब तक 10 अंतरराष्ट्रीय पदक जीत चुकी हैं।
2. विआंश भटनागर: शतरंज के इस नन्हे सितारे ने देश के टॉप-5 अंडर-9 खिलाड़ियों में अपनी जगह बनाई है। विआंश ने जिला और राज्य स्तर पर अपराजित रहते हुए चैंपियन का खिताब जीता। वर्ष 2026 में 39वीं राष्ट्रीय अंडर-9 चैंपियनशिप में 270 खिलाड़ियों के बीच 5वां स्थान हासिल किया। 1800 से अधिक फिडे रेटिंग वाले विआंश का चयन उन्नत प्रशिक्षण के लिए चेन्नई की चोला चेस अकादमी में हुआ है।
3. अरुण कटारिया: उदयपुर के सबसे ऊंची रेटिंग (2382) वाले खिलाड़ियों में शामिल अरुण ने साल 2023 में इटली में आयोजित विश्व युवा चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। वे पांच बार राज्य चैंपियन रह चुके हैं। वर्ष 2026 में एलएनजे भीलवाड़ा फिडे रैपिड प्रतियोगिता और 2025 में रैपिड रेटिंग ओपन में उन्होंने अपराजित रहते हुए शानदार खिताबी जीत दर्ज की।
4. मितांश साहू: अपनी आक्रामक खेल शैली के लिए पहचाने जाने वाले मितांश साहू राष्ट्रीय और फिडे रेटेड प्रतियोगिताओं में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। शतरंज की बिसात पर अपनी चालों में निरंतर सुधार करते हुए उन्होंने अपनी फिडे रेटिंग को 1662 तक पहुंचा दिया है। वे उदयपुर के सबसे उभरते हुए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में गिने जाते हैं।
5. जेनिल परमार: कड़ी मेहनत और निरंतर अभ्यास के दम पर जेनिल ने बहुत कम समय में अंतरराष्ट्रीय फिडे रेटिंग हासिल की है। विभिन्न फिडे रेटेड और रैपिड चेस प्रतियोगिताओं में उनके लगातार बेहतर होते प्रदर्शन ने उनकी रेटिंग में बड़ा सुधार किया है। वे आने वाले समय में राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान बनाने की पूरी क्षमता रखते हैं।
6. दक्षिता कुमावत: 18 वर्षीय दक्षिता ने 2000 एलो रेटिंग पार कर डब्ल्यूसीएम का खिताब जीता और राजस्थान की नंबर-वन महिला शतरंज खिलाड़ी बन गईं। वे विश्व जूनियर (2024) और एशियन जूनियर (2023) चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। राष्ट्रीय पदक विजेता दक्षिता का अगला लक्ष्य अब वुमन ग्रैंडमास्टर बनना और भारतीय ओलंपियाड टीम में जगह बनाना है।
7. अदविका कुमावत: अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में पदकों की चमक बिखेरने वाली अदविका ने वर्ष 2025 की वेस्टर्न एशियन यूथ चैंपियनशिप के रैपिड में सिल्वर और ब्लिट्ज में ब्रॉन्ज मेडल जीता। इसके अलावा वे कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप 2025 में शीर्ष 5 में रहीं। साल 2024 में राजस्थान अंडर-13 की स्टेट चैंपियन रहीं अदविका श्रीलंका में भी सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं।