
Rajasthan : सोशल मीडिया पर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की होड़ अब उदयपुर शहर की पहचान और लोगों की सुरक्षा दोनों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। हाल ही में फतेहसागर पाल पर एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की ओर से ऐसी करतूत की गई, जो लोगों की जिंदगी खतरे में डालती है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में इन्फ्लुएंसर नकली सांप का उपयोग कर झील किनारे बैठे लोगों को डराता नजर आ रहा है।
वीडियो में बुजुर्ग, महिलाएं, युवतियां और पर्यटक अचानक सामने आए नकली सांप को देखकर घबरा जाते हैं। इसे 'प्रैंक' का नाम देकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है, लेकिन इस तरह की हरकतें किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है। सार्वजनिक स्थलों पर अचानक भय पैदा करने वाली गतिविधियां गंभीर परिणाम ला सकती है। वायरल वीडियो देखकर अम्बामाता थाना पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है और वीडियो बनाने वाले युवक की तलाश की जा रही है।
प्रशासन और पुलिस को ऐसे मामलों का गंभीरता से संज्ञान लेना चाहिए। पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा और शालीनता बनाए रखने के लिए जरूरी निर्देश की पालना कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि उदयपुर आने वाले पर्यटक भय नहीं, बल्कि सुखद यादें लेकर जाए।
यदि कोई व्यक्ति घबराकर संतुलन खो बैठे, झील में गिर जाए, चोटिल हो जाए या किसी बुजुर्ग को हृदयाघात जैसी स्थिति का सामना करना पड़ जाए तो इसके परिणाम बेहद गंभीर हो सकते हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि किसी दुर्घटना की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी कौन तय करेगा।
उदयपुर शहर के फतहसागर जैसे पर्यटन स्थानों पर इस प्रकार की गतिविधियां पर्यटकों के अनुभव को प्रभावित कर सकती है। सोशल मीडिया पर वायरल होने की चाह में कुछ लोग सार्वजनिक मर्यादाओं और सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे हैं, जिससे शहर की सकारात्मक छवि को नुकसान पहुंच सकता है।
एक और न्यूज के अनुसार उदयपुर में भारतीय लोक कला मण्डल में आयोजित एक माह के ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर का समापन रविवार को रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ। समापन समारोह में प्रतिभागियों ने लोक नृत्य, लोक गायन, लोक वादन एवं दस्ताना पुतली नाटक की मनमोहक प्रस्तुतियां दी। संस्था के मानद सचिव सत्य प्रकाश गौड़ एवं निदेशक सहित गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया। दस्ताना पुतली नाटक सोशल मीडिया के दुष्प्रभाव ने खास आकर्षण बटोरा।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए । संस्था निदेशक डॉ. लईक हुसैन ने बताया शिविर में 55 प्रतिभागियों को लोक नृत्य, लोक गीत, लोक वादन एवं दस्ताना पुतली का प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने यह भी बताया वर्तमान में चल रहा प्रस्तुति परक नाट्य प्रशिक्षण शिविर बुधवार को समाप्त होगा, जिसमें मणि मधुकर द्वारा लिखित एवं उनके निर्देशन में नाटक खेला पोलमपुर का मंचन मुक्ताकाशी रंगमंच पर सायं 7.45 बजे किया जाएगा।