उदयपुर

Udaipur: 50 जर्जर स्कूल भवनों को 2 दिन में गिराने के निर्देश, DM बोले- जिम्मेदार अधिकारी हमेशा अलर्ट मोड में रहें

उदयपुर कलेक्टर ने वीसी के माध्यम से बैठक ली। बैठक में उन्होंने 50 स्कूल भवनों को दो दिन में ध्वस्त कराने के निर्देश दिए। साथ ही जर्जर हाल भवनों का उपयोग नहीं करने के लिए पाबंद किया गया।

2 min read
Jul 30, 2025
50 स्कूल भवनों को 2 दिन में ध्वस्त कराने के निर्देश (फोटो- पत्रिका)

उदयपुर: जिला प्रशासन की ओर से जर्जर हाल भवनों, सड़कों, पुलियाओं के सर्वे की विशेष मुहिम को लेकर कलेक्टर ने मंगलवार को वीसी के माध्यम से बैठक ली। जिला, उपखंड एवं ग्राम पंचायत स्तर पर गठित समितियों को सक्रिय करते हुए पूर्ण गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सर्वे पूर्ण कराकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने की हिदायत दी।


कलक्ट्रेट के मिनी सभागार में आयोजित बैठक में कलेक्टर नमित मेहता ने संबंधित विभागीय अधिकारियों तथा एसडीएम, तहसीलदार, विकास अधिकारी, सीबीईओ, बीसीएमएचओ आदि को वर्षा जनित हादसों के प्रति पूर्ण गंभीरता बरतने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि अगले 3 से 4 दिन के भीतर सभी राजकीय भवनों, स्कूल, आंगनवाड़ी, मां-बाड़ी, चिकित्सा संस्थानों, बस स्टैण्ड, यात्री प्रतीक्षालय, विश्रान्ति गृहों, सड़कों, पुलिया-रपट आदि का सर्वे कराकर निर्धारित प्रपत्र में सूचना भेजें।

ये भी पढ़ें

Rajasthan: 1936 स्कूलों की बदलेगी सूरत, मदन दिलावर बोले- नए स्कूल भवनों में चलाएं कक्षाएं; उद्घाटन का नहीं करें इंतजार


गिराने योग्य भवनों के बारे में ली जानकारी


समग्र शिक्षा अभियान के एडीपीसी ननिहाल सिंह से गिराने योग्य भवनों के बारे में जानकारी ली। एडीपीसी ने अवगत कराया कि 50 भवनों को गिराने के प्रस्तावों का अनुमोदन हो चुका है। कुछ भवन अन्य भी हैं, जो प्रक्रिया में है। इस पर कलेक्टर ने अनुमोदित सूची में शामिल 50 भवनों को आगामी 2 दिन में ध्वस्त करने के निर्देश दिए।


अलर्ट मोड में रहने की हिदायत


कलेक्टर ने अधिकारियों को एलर्ट मोड पर रहने की हिदायत दी। कहा कि किसी भी तरह के हादसे की सूचना मिलने पर प्रशासन और संबंधित विभाग का अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रकरण की गंभीरता का आंकलन करते हुए तत्काल उच्चाधिकारियों को अवगत करें। कहा कि सर्वे के दौरान यदि कोई ऐसे भवन पाए जाते हैं, जिनमें छोटी-मोटी मरम्मत की ही जरूरत है, तो ऐस कार्यों को संबंधित ग्राम पंचायत अथवा नगर निकाय से तत्काल कराएं।


सर्वे होने तक विद्यालय 4 बजे तक खुला रखें


विद्यालय, आंगनबाड़ी, हॉस्टल, हॉस्पिटल आदि के सर्वे के लिए विद्यालय का समय समाप्त होने से स्कूल बंद मिलने की संभावित समस्या रह सकती है। इस पर सर्वे होने तक विद्यालय शाम 4 बजे तक खुला रखने तथा संस्था प्रधान का स्कूल में उपस्थित रहना जरूरी है। मुख्य जिला शिक्षाधिकारी को आदेश जारी करने के निर्देश दिए।


जर्जर भवनों को करें सील


कलेक्टर ने कहा कि जर्जर हाल भवनों का किसी भी हालत में उपयोग नहीं होना चाहिए, यदि ऐसा पाया गया और किसी प्रकार का हादसा हुआ तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। सर्वे में तकनीकी रूप से असुरक्षित पाए जाने वाले भवन या संबंधित कक्षों को मौके पर ही सील कराया जाए।


कलेक्टर ने कहा कि यदि किसी भवन की एक विंग में एक या दो कमरे सील करने योग्य हों तो उसके पास वाले कक्ष का भी किसी प्रकार का उपयोग नहीं होना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। क्योंकि जर्जर कक्ष में हादसा होगा तो उसका प्रभाव पास वाले कक्ष पर भी होने की पूर्ण संभावना रहती है।

ये भी पढ़ें

Rajasthan: झालावाड़ हादसे के बाद हरकत में आई सरकार, 1936 स्कूलों की मरम्मत के लिए 169 करोड़ रुपए स्वीकृत

Published on:
30 Jul 2025 11:29 am
Also Read
View All

अगली खबर