उदयपुर

उदयपुर में ‘मौताणा’ विवाद पर कार्रवाई: महिला की मौत पर भड़क उठे थे पीहर पक्ष के लोग, घरों में लगाई आग, हथियार लेकर आए थे 40 लोग

उदयपुर जिले में महिला की मौत पर मुआवजा (मौताणा) विवाद में सिरोही के 30-40 हथियारबंद पीहर पक्ष के लोगों ने जांबुआ खुना में ससुराल पर हमला कर आगजनी और लूटपाट की थी। पुलिस ने 11 आरोपियों और तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया है।
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Updated: 9 Oct 2025, 11:42 AM IST
Udaipur Mautana Clash
तोड़फोड़ और आगजनी के 11 आरोपी गिरफ्तार (फोटो- पत्रिका)

Udaipur News: उदयपुर जिले के बेकरिया थाना क्षेत्र में महिला की मौत को लेकर मुआवजा (मौताणा) मांगने पर पीहर पक्ष ने ससुराल वालों पर हमला कर दिया। सिरोही जिले के पिंडवाड़ा से आए करीब 30 से 40 हथियारबंद लोगों ने जांबुआ खुना गांव में चढ़ोतरा करते हुए कई घरों में लूटपाट, तोड़फोड़ और आगजनी कर दी थी।


बता दें कि हमले में टोपीदार बंदूक से दो लोगों पर फायरिंग भी की गई। हालांकि, कोई जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार और तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया है।


11 आरोपी गिरफ्तार और 3 बाल अपचारी डिटेन


मामले में पुलिस ने रणसाराम, विसाराम, अमराराम, दिनेश, कालूराम, तेजाराम निवासी मोटाल (सिरोही) रताराम निवासी पावटी कला थाना बेकरिया, केसी देवी पत्नी अमराराम निवासी मोटाल, जिला सिरोही, चेलु उर्फ सनूरी देवी पत्नी नेनाराम निवासी मोटाल, चंपा देवी पत्नी रणछाराम निवासी मोटाल, मोहनी उर्फ मानी देवी पत्नी जोगाराम निवासी मोटाल राजपुरा जिला सिरोही को गिरफ्तार किया।


क्या था पूरा मामला


जांबुआ खुना निवासी सोमा गरासिया की पत्नी भूरी बाई की करीब एक महीने पहले खेत में काम करते समय अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई थी। भूरी बाई लंबे समय से सांस की बीमारी से पीड़ित थीं। लेकिन पीहर पक्ष ने आरोप लगाया कि उसकी हत्या की गई और ससुरालवालों से 1.5 लाख रुपये “मौताणा” के रूप में मांगे। जब यह मांग पूरी नहीं हुई, तो मंगलवार तड़के हमला कर दिया गया।


सुबह 6 बजे करीब 15-20 हमलावरों का समूह, जिनका नेतृत्व महिला के पिता अमराराम कर रहे थे, लाठियां, कुल्हाड़ी और बंदूक लेकर सोमा के घर पहुंचा। हमला होते ही सोमा और उसका परिवार जंगल की ओर भाग गया, जिससे उनकी जान बच गई। इस दौरान हमलावरों ने सोमा, उसके भाइयों कुशाराम, धरमाराम, चमनाराम और भतीजे रमेश के घरों में तोड़फोड़ की, चार केलूपोश मकानों में आग लगा दी और कुछ सामान, खासकर सोलर बैटरी, चोरी कर ली।


घटना की सूचना मिलते ही एसपी योगेश गोयल ने तुरंत एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की। टीम में एएसपी गोपाल स्वरूप मेवाड़ा और सीओ राजेंद्र सिंह के पर्यवेक्षण में थानाधिकारी उत्तम सिंह मेड़तिया को शामिल किया गया।


पुलिस ने जंगलों और छिपने के ठिकानों पर दबिश देकर अमराराम, उसकी पत्नी केसी देवी समेत 7 पुरुषों और 4 महिलाओं को गिरफ्तार किया, जबकि 3 नाबालिगों को भी हिरासत में लिया गया। सभी आरोपियों ने अपराध में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली है। पुलिस ने बताया कि सभी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है, ताकि लूटा गया सामान बरामद किया जा सके और फरार आरोपियों को पकड़ा जा सके।

Updated on:
9 Oct 2025, 11:42 AM IST
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