उदयपुर

अब एमबी अधीक्षक ने दिखाई ‘दबंगई…हाथीपोल थाने में दर्ज हुआ परिवाद

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डॉ सुशील सिंह चौहान/उदयपुर. महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय के कार्यालय में निविदा के लिफाफे को फाडऩे एवं दस्तावेजों से छेड़छाड़ के मामले में नया मोड़ ले लिया है। उपअधीक्षक स्तर पर सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य माध्यमों से हुई जांच में ड्रग सप्लायर को दोषी माना गया। प्राप्त रिपोर्ट के बाद चिकित्सालय अधीक्षक डॉ. लाखन पोसवाल के दबंगई भरे निर्णय पर आवक-जावक शाखा प्रभारी गौरव परिहार की ओर से एक रिपोर्ट हाथीपोल थाने में दी गई। इसमें आरोप लगाया गया कि आरोपी की कार्यालय परिसर में उपस्थिति संदिग्ध है। आरोप है कि आरोपी गोदावत सरकारी दस्तावेजों से छेड़छाड़ भी करता है। शिकायत में ऑनलाइन निविदा के बाद प्राप्त हुए हार्डकॉपी आवेदनों केप्राप्त होने एवं कुछ दस्तावेज गायब होने का भी जिक्र किया गया है। दूसरी ओर मामले में चिकित्सालय अधीक्षक डॉ. पोसवाल ने मामले को गंभीर मानते हुए आवक-जावक शाखा सहायक लोकश वैष्णव को आदेश की प्रतीक्षा में जयपुर रवाना किया। वहीं एक अन्य ठेका कर्मचारी प्रीतम मेघवाल की सेवाएं समाप्त की। गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका ने 23 अगस्त के अंक में 'एमबी में ड्रग सप्लायर की दबंगईÓ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर खामी का पर्दाफाश किया था


आरोपी ड्रग सप्लायर की उपस्थिति को लेकर जताई आपत्ति
आरोपी सुरेंद्र गोदावत करीब 25 वर्षों से चिकित्सालय को संविदा के आधार
पर ड्रग सप्लाई करता है। निविदा से जुड़े गायब हुए दस्तावेज को लेकर हुई
जांच में शक की पुष्टि हुई है। इसलिए आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने
के निर्देश दिए हैं।
डॉ. लाखन पोसवाल, अधीक्षक, एमबी हॉस्पिटल

शिकायत की जांच
एमबी हॉस्पिटल उपअधीक्षक डॉ. रमेश जोशी एवं कर्मचारी गौरव परिहार की ओर
से थाने में दी गई सूचना की प्राथमिक जांच की जा रही है। आरोपी की
भूमिका, दस्तावेज से छेड़छाड़ के कारणों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
हिम्मतसिंह, एएसआई, हाथीपोल थाना

Published on:
26 Aug 2018 07:44 pm