
उदयपुर . मनवाखेड़ा में सरकारी जमीन को स्वयं की बताकर न्यायालय में दावा करने वाले चार परिवादी में से तीन ने तो निगम की कानूनी कार्रवाई करने की भभकी पर ही अपने दावे वापस ले लिए। तीन दावे एक साथ उठने से करीब 7200 वर्गफीट जमीन निगम के कब्जे में आ गई।
सेक्टर 3 निवासी ओमप्रकाश पुत्र धनुषबाण सिंह, गगन पुत्र महेश श्रीवास्तव, प्रवीणसिंह पुत्र वीरमसिंह चौहान व उदयसिंह पुत्र हरिसिंह डुलावत ने नगर निगम के खिलाफ चार अलग-अलग दावे पेश कर बताया कि हमारे स्वामित्व एवं आधिपत्य के मनवाखेड़ा में भूखंड है जिनके आराजी नंबर 337 है। प्रत्येक भूखंड 2400 वर्गफीट है। ओमप्रकाश ने दावे में बताया कि ग्राम पंचायत कलड़वास ने वर्ष 1982 में उसकी मां फूल कंवर, प्रवीण ने बताया कि उसकी मां शांतिबाई, उदयसिंह व गगन ने उनके स्वयं के नाम नि:शुल्क पट्टा जारी करना बताया।
परिवादिया का कहना है कि नगर निगम ने 15 मई 2016 को बगैर सुनवाई किए उनके भूखंड की बाउंड्रीवॉल तोड़ दी और भूखंड पर बनी झोपडिय़ां नष्ट कर दी। निगम चारों भूखंडों को मिलाकर उसमें अन्य भूमि का मिलान कर उसे नीलाम करना चाहता है जिसे रोका जाए। निगम के अधिवक्ता अशोक सिंघवी ने कहा कि उक्त भूमि परिवादियों के स्वामित्व की नहीं है। यह खसरा मगरी किस्म की है जिसका ग्राम पंचायत को अधिकार नहीं है, वह सिर्फ आबादी पट्टे जारी कर सकती है। इन पट्टों की सत्यता की जांच के लिए आयुक्त ने विकास अधिकारी गिर्वा को पत्र लिखा था।
बीडीओ ने बताया कि इस भूमि से संबंधित रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज ही नहीं हैं जिससे उक्त पट्टे प्रमाणित करना संभव नहीं है। यह भूमि राजस्व रिकॉर्ड में यूआईटी के नाम दर्ज है जिसका नगर निगम को स्थानांतरण हो चुका है। सिंघवी ने जवाब के बाद चारों प्रार्थियों के विरूद्ध अवैध पट्टों पर पुलिस कार्रवाई के लिए लिखा जिसकी भनक लगते ही गगन, ओमप्रकाश व प्रवीण ने अपने केस वापस उठा लिए।
इधर, आयड़ नदी पेटे में दस वर्ष पूर्व के अवैध कब्जे ध्वस्त
उदयपुर. नगर निगम ने मंगलवार को कार्रवाई कर आयड़ नदी पेटे में करीब दस साल से अवैध कब्जा कर रह रहे दो परिवारों के मकानों को ध्वस्त कर दोनों को बिलिया स्थित फ्लेट में शिफ्ट किया। कालूलाल सालवी और हकीमत बानो के परिवार के सदस्य वर्षों से आयड़ पेटे में मकान बनाकर रह रहे थे। दोनों को पूर्व में नोटिस दिया गया, लेकिन उन्होंने मकान खाली नहीं किए। निगम का दस्ता सुबह पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचा। दस्ते ने दोनों परिवारों के सामान बिलिया में दिए गए फ्लेट में रखवाया। दस्ते में रेवेन्यू इंस्पेक्टर मोहित अग्निहोत्री, राजस्व अधिकारी संदीप दाधीच, सहायक राजस्व निरीक्षक विजय जैन के साथ भूपालपुरा थानाधिकारी हरेन्द्रसिंह भी मय जाप्ता मौजूद थे।