
उदयपुर/ फलासिया. udaipur Political news प्रदेश में हुए शहरी सरकार के चुनावों में कांग्रेस को मिली सफलता से उत्साहित पार्टी के सिपहसलारों की ग्राम पंचायत चुनावों को लेकर बढ़ती 'महत्वकांक्षा अपनों के बीच 'जहर घोल रही है। चुनावी तैयारियों के बीच परिजनों और परिवार को आगे बढ़ाने वाली राजनीतिक सोच से घिरे हुए पदाधिकारियों में अब आपसी मनमुटाव बढऩे लगा है। इसी क्रम में उत्साहित फलासिया के कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में दो फाड़ बनते दिख रहे हैं। इसकी एक वजह पार्टी के एक गुट की ओर से स्थानीय स्तर पर खोला गया नया कांग्रेस कार्यालय है। खास बात यह है कि नए कार्यालय के शुभारंभ से लेकर इसके संचालन तक में पूर्व विधायक हीरालाल दरांगी एवं उनके समर्थकों को दूर रखा गया है। भविष्य में ये दूरिया पार्टी के लिए नई मुसीबत खड़ी करने के संकेत भी दे रही हैं, लेकिन देखना है कि पार्टी के जिम्मेदार चुनाव से पहले अपनों को एक जाजम में बिठाने में कितने सफल होते हैं। कांग्रेस में बीच उठ रहे उबाल को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा भी बढ़ गई है।
300 मीटर दूरी और दो कार्यालय
स्थानीय कांग्रेस के कर्णधारों के बीच वैचारिक लड़ाई खुले में दिख रही है। विचारों में बिगड़े तालमेल के बीच कांग्रेस समर्थकों की ओर से एक कार्यालय का संचालन यहां बस स्टैण्ड पर हो रहा है तो दूसरा कार्यालय बीते छह साल से पूर्व विधायक स्तर पर संचालित हो रहा है। इन दोनों कार्यालयों की दूरी महज तीन सौ मीटर है।
किसने खोला कार्यालय
करीब 6 साल से यहां कांग्रेस कार्यालय संचालित है। विधानसभा व पंचायत चुनाव में हमने इसकी कार्यालय में तय रणनीति से चुनाव जीते हैं। उन्होंने कार्यालय खोला है। इसकी मुझे व स्थानीय कार्यकर्ताओं को पहले से कोई जानकारी नहीं थी।
हीरालाल दरांगी, पूर्व विधायक, झाड़ोल
कार्यकर्ताओं की मांग
क्षेत्र के कार्यकर्ताओं की मांग पर नया कांग्रेस कार्यालय खोला है। पूर्व विधायक जिसे कार्यालय बता रहे हैं। वह उनका निजी कार्यालय है। हम पार्टी नियम से सक्रिय हैं। गुटबाजी जैसी कोई बात नहीं।
नारायण जन्नावत, ब्लॉक कॉग्रेस अध्यक्ष, झाड़ोल
तय है गुटबाजी
तीन सौ मीटर की दूरी पर दो कार्यालय चलाना सीधे तौर पर गुटबाजी का संकेत है। फलासिया में पहले से कार्यालय है तो दूसरा खोलने की जरूरत नहीं है। चंद लोग कांग्रेस की नय्या डूबाने में लगे हैं।
प्रवीण सरणोत, कांग्रेस देहात जिला उपाध्यक्ष
तब भी खोला था
वर्ष 1993 के बाद जब में ब्लॉक अध्यक्ष था। तब भी कार्यालय खोला गया था। अब तो पंचायत समिति मुख्यालय है। कार्यालय उस क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के लिए सहूलियत है। udaipur political news ब्लॉक स्तरीय पदाधिकारी सप्ताह में दो दिन ग्रामीणों के बीच उनकी समस्याएं सुनने के साथ वहीं रहेंगे।
रामलाल गाडरी, पीसीसी सदस्य झाड़ोल