उदयपुर के कुराबड़ रोड स्थित बिछड़ी 33/11 केवी जीएसएस पर भीषण गर्मी के चलते रविवार दोपहर पावर ट्रांसफार्मर धमाके के साथ फट गया। आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कई गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
कुराबड़ (उदयपुर): झुलसा देने वाली गर्मी और आसमान से बरसती आग अब बिजली तंत्र पर भारी पड़ने लगी है। रविवार दोपहर उदयपुर जिले के कुराबड़ रोड स्थित बिछड़ी 33/11 केवी ग्रिड सब स्टेशन (जीएसएस) पर भीषण गर्मी के चलते एक पावर ट्रांसफार्मर तेज धमाके के साथ फट गया।
बता दें कि ब्लास्ट के बाद ट्रांसफार्मर में भीषण आग लग गई। इससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद बिछड़ी सहित आसपास के कई गांवों और बस्तियों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों और वहां मौजूद कर्मचारियों के अनुसार, दोपहर करीब सवा तीन बजे अचानक एक जोरदार धमाके की आवाज आई। देखते ही देखते ट्रांसफार्मर से ऊंची लपटें और काले धुएं का गुबार उठने लगा। जीएसएस पर तैनात कर्मचारियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और हिंदुस्तान जिंक के फायर स्टेशन को सूचना दी।
सूचना मिलते ही दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। निगम के कर्मचारियों और दमकल कर्मियों ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शाम सवा चार बजे आग पर पूरी तरह काबू पाया। मौके पर अजमेर विद्युत वितरण निगम के सहायक अभियंता विजय मेघवाल, जेईएन गीतांजलि और लाइनमैन पुष्कर पटेल सहित अन्य अधिकारी स्थिति का जायजा लेने पहुंचे।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि उदयपुर का तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। अत्यधिक गर्मी और ओवरलोडिंग के कारण ट्रांसफार्मर का तेल गर्म होकर उबलने लगा और ब्लास्ट हो गया। इस हादसे के कारण जिंक, बिछड़ी, भल्लों का गुड़ा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और बस्तियों में बिजली सप्लाई बंद हो गई।
बिजली निगम की टीम ने तत्काल प्रभाव से राहत कार्य शुरू कर दिया। पुराने क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मर को हटाकर नया पावर ट्रांसफार्मर स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल की जा सके।
खेरवाड़ा वनखंड क्षेत्र के बायड़ी वाले भाग 200 एकड़ में 15 दिनों से लगातार जंगल सुलग रहा है। एक जगह आग बुझती है, उससे पहले दूसरी तरफ जल जाती है, आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। वन विभाग के अधिकारी भी इसको लेकर पुख्ता बात नहीं कर पा रहे है।
रविवार दिन से भी जवास नाके की ओर बायड़ी के पीछे वाले छोर पर आग जलती रही। हालांकि, इसको लेकर क्षेत्रीय वन अधिकारी मोहम्मद फजले रब्बी से बात की तो उन्होंने एक बार तो इनकार कर दिया आग नहीं लगी है। लेकिन फिर उन्होंने हामी भरी।
वन प्रेमी घनश्याम सिंह ने बताया, आग लग रही थी वहां लेकर पहुंचे, तो वन विभाग की बातें गलत साबित हुई। जबकि इनका कहना है कि इस वन खंड में आए दिन आग लगती रहती है, विभाग फौरी कार्रवाई कर चले जाता है, जबकि उन्हें कारणों का पता करना चाहिए।
क्षेत्रीय वन अधिकारी ने बताया कि गार्ड की तैनाती करेंगे और आग के कारणों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। अगर यह आग मानव द्वारा लगाई जा रही है तो इस पर आइडेंटिफाई कर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अगर ऐसा होता है तो वन नियम के तहत व्यक्ति को 6 माह जेल तक का प्रावधान भी है।
हर बार अलग-अलग प्लांटेशन में आग लग रही है, इसमें किसी के द्वारा आग लगाई जाने का मामला भी सामने आ सकता है, लेकिन कई बार आग नेचुरल भी लग सकती है। लगातार आग लगने से वन संपदा को काफी नुकसान पहुंच रहा है।