
राजस्थान की प्रसिद्ध पर्यटन नगरी उदयपुर में देश और दुनिया भर से हर दिन हजारों पर्यटक घूमने आते हैं, लेकिन देहलीगेट इलाके से आई एक घटना ने पर्यटकों की सुरक्षा और स्थानीय व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उदयपुर के धानमंडी थाना क्षेत्र में स्थित मीरा रेस्तरां में अहमदाबाद से अपने परिवार के साथ घूमने आए एक गुजराती पर्यटक जयेश पटेल के खाने में कॉकरोच निकलने को लेकर भारी विवाद हो गया। विवाद इतना ज्यादा बढ़ गया कि रेस्तरां संचालक और उसके कर्मचारियों ने आपा खो दिया और पुलिस जवान की मौजूदगी में ही पर्यटक के साथ जमकर मारपीट कर दी। इस हमले में गुजराती पर्यटक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत उपचार के लिए एमबी अस्पताल ले जाना पड़ा।
इस घटना की सबसे चिंताजनक बात यह रही कि जब रेस्तरां परिसर में हंगामा और खींचतान हो रही थी, तब मौके पर एक पुलिस का जवान भी मौजूद था। लेकिन वह उपद्रव कर रहे रेस्तरां कर्मियों को रोकने में पूरी तरह नाकाम साबित हुआ। घटना के बाद दोनों ही पक्ष धानमंडी थाने पहुंचे और एक-दूसरे के खिलाफ क्रॉस केस दर्ज कराने के लिए लिखित शिकायत दी। गुजराती परिवार में 2 पुरुष और 6 महिलाएं शामिल थीं, जिन्हें देर रात तक कानूनी कागजी कार्रवाई के सिलसिले में पुलिस थाने में ही रुकना पड़ा।
मिली जानकारी के अनुसार, अहमदाबाद निवासी जयेश पटेल अपने परिवार के 8 सदस्यों (2 पुरुष और 6 महिलाएं) के साथ उदयपुर घूमने आए थे। रविवार रात करीब 10 बजे वे खाना खाने के लिए देहलीगेट स्थित मीरा रेस्तरां पहुंचे। खाना परोसे जाने के बाद जब परिवार ने भोजन शुरू किया, तो थाली में एक कीड़ा (कॉकरोच) तैरता हुआ दिखाई दिया। इस पर जयेश पटेल ने तुरंत रेस्तरां संचालक और वेटर को बुलाकर शिकायत दर्ज कराई।
हालांकि, रेस्तरां का कर्मचारी अपनी गलती मानने के बजाय उस कीड़े को बड़ी इलायची बताने लगा। बात को साबित करने के लिए वेटर उस खाने की थाली को रसोई के अंदर धोकर दिखाने के लिए ले जाने लगा। पर्यटक जयेश पटेल को आशंका हुई कि वेटर रसोई में ले जाकर कॉकरोच होने के सबूत को मिटा देगा, इसलिए उन्होंने थाली को अंदर ले जाने से रोका। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और खींचतान शुरू हो गई।
थाली को लेकर हुए इस हंगामे और शोर-शराबे की वजह से रेस्तरां में मौजूद अन्य ग्राहक भी असहज हो गए और देखते ही देखते रेस्तरां में बैठे सभी लोग बाहर निकल गए। ग्राहकों के इस तरह अचानक चले जाने से रेस्तरां संचालक का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। संचालक और उसके कर्मचारियों ने सारा गुस्सा अहमदाबाद के पर्यटक जयेश पटेल पर निकाल दिया और उन पर लात-घूसों से हमला कर दिया।
हैरानी की बात यह रही कि मौके पर एक पुलिस जवान तैनात था, लेकिन वह रेस्तरां कर्मियों के सिर चढ़े गुस्से को शांत कराने में असफल रहा। मारपीट में जयेश पटेल के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। खून से लथपथ हालत में उन्हें परिजनों द्वारा तुरंत उदयपुर के महाराणा भूपाल (MB) अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दी गई।
अस्पताल से प्राथमिक इलाज कराने के बाद पीड़ित गुजराती परिवार सीधे धानमंडी पुलिस थाने पहुंचा। परिजनों ने पुलिस प्रशासन के सामने अपनी आपबीती सुनाई और आरोपी रेस्तरां संचालक व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। वहीं दूसरी तरफ, अपनी साख बचाने के लिए रेस्तरां संचालक भी थाने पहुंच गया और उलटा पर्यटकों पर ही विवाद करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दी।
पुलिस ने दोनों पक्षों की तरफ से क्रॉस केस की शिकायत दर्ज कर ली है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। देर रात तक 6 महिलाओं समेत पूरा गुजराती परिवार न्याय पाने के लिए थाने में ही बैठा रहा। राजस्थान आने वाले पर्यटकों के साथ इस तरह की हिंसक घटना से लेकसिटी की छवि पर गहरा असर पड़ा है।
उदयपुर शहर में कानून व्यवस्था और बाल संरक्षण से जुड़ा एक और गंभीर मामला सामने आया है। सूरजपोल थाना क्षेत्र के भटियानी चौहट्टा इलाके में एक नाबालिग बालक से उसकी उम्र की निर्धारित सीमा से अधिक काम कराने और उसकी मेहनत की कमाई रोकने का मामला उजागर हुआ है। मानव तस्करी विरोधी यूनिट (AHTU) के नारायण सिंह ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए माली कॉलोनी टेकरी निवासी शक्ति सिंह राठौड़ के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी द्वारा बच्चे को व्यावसायिक उद्देश्य से अपने पास बंधन में रखकर काम कराया जा रहा था और उसकी कमाई का भुगतान नहीं किया जा रहा था। पुलिस ने जेजे एक्ट (बाल न्याय अधिनियम) 2015 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर बालक के संरक्षण की व्यवस्था की है और मामले से जुड़े तथ्यों की गहराई से जांच की जा रही है।