उदयपुर

नौनिहालों के हाथ में ‘दुर्घटना का हैंडल

udaipur road accident पुलिस प्रशासन की समझाइश के बाद भी स्कूली विद्यार्थी चला रहे हैं वाहन, अभिभावकों में जागरूकता की कमी दे रही दुर्घटनाओं को न्योता
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नौनिहालों के हाथ में 'दुर्घटना का हैंडल
नौनिहालों के हाथ में 'दुर्घटना का हैंडल

उदयपुर/ झाड़ोल. Udaipur road accident यातायात नियमों की पालना को लेकर स्थानीय पुलिस प्रशासन एवं परिवहन विभाग की ओर से किए जा रहे साझा प्रयास यहां जागरूकता के अभाव में दम तोड़ते दिख रहे हैं। स्थानीय विद्यालयों में नाबालिग हाथों से वाहनों की दूरी बनाने वाले संदेश भी व्यर्थ साबित हो रहे हैं। यहीं वजह है कि क्षेत्र में नौनिहालों के हाथों में दुर्घटना को न्योता देने वाले वाहनों के हैंडल स्थानीय यातायात व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन रहे हैं। ओवरलोड वाहनों क संचालन का क्रम थमता नहीं दिख रहा है। बगैर लाइसेंस एवं हेलमेट के अभाव में चलाए जा रहे दुपहिया वाहनों के कारण कई लोग चोटिल भी हो रहे हैं। ओगणा, बिरोठी, ओड़ा, झाड़ोल, चन्दवास सहित अन्य गांवों में 10 से 15 साल के बच्चे दुपहिया वाहनों का धड़ल्ले से संचालन कर रहे हैं। खास बात यह है कि जागरूकता के अभाव में उनके परिजन भी बच्चों को सड़कों पर फर्राटेदार वाहन चलाने से नहीं रोक रहे। इससे बड़ी दुर्घटनाओं की आशंंकाएं जन्म ले रही हैं।

शिक्षक प्रशिक्षण के तृतीय चरण का समापन
झाड़ोल. मानव संसाधन विकास मंत्री नई दिल्ली के निर्देशन में राज्य सरकार की ओर से आयोजित एकीकृत शिक्षक प्रशिक्षण शिविर का शनिवार को राउमावि मगवास में समापन हुआ। इसके तहत बाल केंद्रित शिक्षण व्यवस्था समावेशित शिक्षा पर शिक्षकों की समझ विकसित करने के साथ ही शिक्षक स्तर पर विद्यालय में सुरक्षित वातावरण का निर्माण, विषयों में दक्षता आधारित शिक्षण तथा आकलन की पद्धतियों के बारे में जानकारी दी गई। पांच दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण के तृतीय चरण में कुल 140 संभागियों ने हिस्सा लिया। अब तक हुए तीन चरण में 420 संभागियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। udaipur road accident समापन समारोह में अध्यक्षता शिविर प्रभारी घनश्याम पालीवाल ने की, जबकि बतौर अतिथि जगदीश जोशी, विशिष्ट अतिथि कन्हैयालाल व्यास, मनीष मेघवाल, ब्लॉक एमआइएस यशवंत सोलंकी एवं अन्य ने हिस्सा लिया।

Published on:
01 Dec 2019 06:00 am