स्मार्ट सिटी के कार्याे को देखने सरकार ने हमें दिया जिम्मा, केन्द्र ने हटाकर की मनमानी
मोहम्मद इलियास/उदयपुर
राज्य में चार स्मार्ट सिटी में मनोनीत किए गए स्वतंत्र निदेशकों में उदयपुर की सज्जन कटारा की नियुक्ति पर भी केन्द्र सरकार ने रोक लगा दी। इस रोक पर कटारा इसे मनमानी व धांधली बताया। राजस्थान पत्रिका से बातचीत में कटारा ने कहा कि स्मार्ट सिटी के कामों में केन्द्र के साथ ही राज्य सरकार का भी पैसा लगा है। अशोक गहलोत की सरकार ने इन पैसों में कभी कमी नहीं आने दी। स्मार्ट सिटी में करोड़ों के काम हो रहे है और पारदर्शिता व देखरेख के लिए स्थानीय लोगों की नियुक्ति आवश्यकत है। इसी मंशा से राज्य सरकार ने उनकी भी नियुक्ति की थी। नियुक्ति होने के बाद स्मार्ट सिटी के कामों को देखा था। चारों तरफ अभी शहर खुदा पड़ा है। सीवरेज के हालत खराब है, जगह-जगह ओवरफ्लो हो रहे है। आयड़ नदी का काम अब तक शुरू नहीं हो सका। हिरणमगरी की स्मार्ट सीवरेज की हालत खराब है।
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रेनबसेरे के सामने गंदगी का ढेर
चेतक पहाड़ी बसस्टेंड के पास रेनबसेरे के सामने गंदगी का ढ़ेर लगा पड़ा है। विकास गंदगी से चारों तरफ दुर्गन्ध फैल रही थी। रेनबसेरा के पास ही लवकुश स्टेडियम और प्रेस क्लब है फिर भी कोई ध्यान देने वाला नहीं है ना ही इस क्षेत्र के पार्षद का ध्यान इस और जाता है।