11 मई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

होटल वाले से हर माह लेगें पैसा, रात में उठाएंगें कचरा

होटल वाले से हर माह लेगें पैसा, रात में उठाएंगें कचरा

2 min read
Google source verification
होटल वाले से हर माह लेगें पैसा, रात में उठाएंगें कचरा

होटल वाले से हर माह लेगें पैसा, रात में उठाएंगें कचरा

मोहम्मद इलियास/उदयपुर
शहर में 4-5 दिन बाद ही रात में गाडिय़ां होटल व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से कचरा उठाती हुई नजर आएगी। यह गाडिय़ां कचरे को बलीचा प्लांट में ले जाएगी जहां पर निस्तारित किया जाएगा। इस काम में निगम का एक रुपया भी खर्च नहीं होगा और उल्टा निगम को संबंधित फर्म कचरा निस्तारण का एक लाख रुपए प्रतिमाह व प्रति व्यवसायिक प्रतिष्ठान से ली गई राशि की आधी रकम देगी। गाडिय़ां, डीजल व समस्त कर्मचारियों को खर्चा भी संबंधित फर्म ही वहन करेगी।
नगर निगम ने सभी वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों से डोर टू डोर कचरा संग्रहण करने के लिए दिल्ली ट्रेशोनोमी प्राइवेट लिमिटेड एजेंसी से एक माह पहले अनुबंध किया था। 30 दिन में काम शुरू करने की अवधि के तहत एजेन्सी 8 अगस्त को अपना कार्य शुरू कर देगी।
यह एजेंसी उदयपुर नगर निगम क्षेत्र के सभी वाणिज्यिक प्रतिष्ठान जैसे होटल, रेस्टोरेंट्स, दुकान, कोचिंग, हॉस्टल, निजी स्कूल, ठेला गाड़ी सहित सभी व्यावसायिक काम्प्लेेक्स से कचरा उठाने का कार्य करेगी।
--
किया जा रहा सर्वे
एजेंसी द्वारा 8 अगस्त को कार्य करने के लिए शहर के व्यसायिक प्रतिष्ठान, पांच सितारा एवं तीन सितारा होटलों की सर्वे कर रही है। सर्वे में जो प्रतिष्ठान आएंगें वे निगम की लाइसेंसी सूची में मिलान कर दिय जाएगा। इससे बिना लाइसेंस व्यवसाय कर रहे लोग भी पकड़ में आएंगें। पहले चरण में एजेन्सी व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से कचरा एकत्रित करेंगी। अगले कुछ ही दिनों में पूरे शहर से कचरा इसी एजेंसी के मार्फत एकत्रित किया जाएगा।
--
अब नहीं मिलेगा रात्रि को सडक़ पर कचरा
आयुक्त हिम्मत सिंह बारहठ व उपमहापौर पारस सिंघवी ने बताया कि शहर में संचालित होने वाले कई रेस्टोरेंट्स, होटल सहित कई व्यवसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा सारा कचरा सडक़ पर बिखेर दिया जाता है। पूरी रात आवारा स्वान एवं पशु इन कचरे की थैलियों को फाडकऱ पूरा कचरा सडक़ पर बिखेर देते हैं। कई बार व्यवसायिक प्रतिष्ठान संचालकों को इसके लिए पाबंद भी किया गया है लेकिन आधी रात में कचरा डालने वाले की जानकारी भी उपलब्ध नहीं हो पाती है। इसलिए कोई ठोस कार्यवाही भी नहीं की जा सकती हैं। इस समस्या के समाधान के लिए निगम क्षेत्र में संचालित होने वाले सभी वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों से निकलने वाले कचरे को इक_ा करने के लिए निजी फर्म की सहायता लेने का निर्णय किया। कंपनी के पदाधिकारियों ने 8 अगस्त से यह कार्य शुरू कर देगें।