उदयपुर

उदयपुर में ‘औरंगजेब’ वाले बयान पर बवाल, ABVP ने MLSU का घेराव किया, छात्रों ने कहा- बयान स्वीकार योग्य नहीं

मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुनीता मिश्रा के ‘औरंगजेब’ बयान पर एबीवीपी ने सोमवार को प्रशासनिक भवन घेर प्रदर्शन किया। छात्रों ने वीसी को बर्खास्त करने की मांग करते हुए रैली निकाली और कहा कि अकबर व औरंगजेब के अत्याचार इतिहास में काले अध्याय हैं।
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Updated: 16 Sep 2025, 1:22 PM IST
Udaipur Uproar Over Aurangzeb Statement
छात्रों ने प्रताप की छवि लेकर यूनिवर्सिटी घेरी (फोटो- पत्रिका)

उदयपुर: मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुनीता मिश्रा की ओर से हाल ही में दिए गए ’औरंगजेब’ संबंधी बयान पर सोमवार को फिर उबाल आ गया। एबीवीपी ने यूनिवर्सिटी प्रशासनिक भवन को घेर लिया और जमकर प्रदर्शन किया। साथ ही वीसी को बर्खास्त करने की मांग की।


एमएलएसयू वीसी ने दो दिन पहले एक कार्यक्रम में मुगल शासक अकबर को महान राजा और औरंगजेब को कुशल प्रशासक बताया था। इसके विरोध में एबीवीपी के सैकड़ों कार्यकर्ता प्रशासनिक भवन के बाहर एकत्रित हुए और जमकर नारेबाजी की। एबीवीपी विश्वविद्यालय छात्र संघ के पदाधिकारी भी शामिल हुए। छात्रों ने यूनिवर्सिटी मुख्य द्वार से लेकर प्रशासनिक भवन तक पुतले के साथ रैली निकाली।


छात्र बोले- बयान स्वीकार योग्य नहीं


पदाधिकारियों ने कहा कि अकबर और औरंगजेब दोनों ने भारत की संस्कृति, धर्म और स्वाभिमान को रौंदने का काम किया। महाराणा प्रताप का संघर्ष अकबर की साम्राज्यवादी नीति के विरुद्ध स्वतंत्रता और स्वाभिमान की रक्षा के लिए था। औरंगजेब के अत्याचार, धार्मिक कट्टरता और मंदिरों के विध्वंस को इतिहास कभी नहीं भूल सकता।


ऐसे में कुलपति का बयान विद्यार्थियों और समाज के बीच गलत संदेश फैलाता है। शैक्षणिक संस्थान में इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश करना छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ है। इसे किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। शहर के कुछ अन्य संगठनों ने भी जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर सुखाड़िया विश्वविद्यालय की वीसी को हटाने की मांग रखी।


बेमियादी आंदोलन का आह्वान


एबीवीपी के पदाधिकारियों ने कहा कि कुलपति को बर्खास्त नहीं किया गया तो विश्वविद्यालय और सरकार के खिलाफ बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। ऐसा नहीं होने तक यूनिवर्सिटी बंद रखने का आह्वान किया।


ज्ञापन देने वालों में सुमित चौधरी, तुषार वागेला, गौतम बंधु, त्रिभुवन सिंह, भानुप्रताप सिंह, धनंजय, हर्ष राजानी, विवेक पाटीदार, चिराग तिवारी के साथ ही एबीवीपी पूर्व छात्र संघ पदाधिकारी की भी मौजूदगी रही।


इन्होंने भी रखी बात


-एबीवीपी महानगर मंत्री पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ ने बयान को युवाओं को गुमराह करने वाला, असंवैधानिक, देश विरोधी बताया, जो माफी योग्य नहीं है। कुलपति के बर्खास्त नहीं होने तक आंदोलन जारी रहने की बात कही।
-एबीवीपी इकाई अध्यक्ष प्रवीण टांक ने बताया कि प्रो. सुनीता मिश्रा कुलगुरु बनी, तब से विश्वविद्यालय की छवि धूमिल कर रही है। इनके आचरण से विश्वविद्यालय के छात्रों सहित हर वर्ग प्रताड़ित हो रहा है।

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16 Sep 2025, 1:22 PM IST
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