
Udaipur Double Murder Case : उदयपुर के वल्लभनगर थाना क्षेत्र के मुंडोल गांव में शनिवार को दोहरे हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे में खुलासा कर दिया। पुलिस ने इस मामले में मृतका लूंगा बाई के धर्म के मुंहबोले बेटे जयमीन उर्फ बंटी दवे (37 वर्ष) पुत्र भवानी शंकर दवे को गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी ने कर्ज व आर्थिक तंगी से परेशान होकर संपत्ति व जेवर हड़पने की नीयत से वृद्ध महिला व उसकी मानसिक रूप से अस्वस्थ पुत्री की हत्या कर दी।
उदयपुर जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने बताया कि 1 अगस्त को मुंडोल निवासी नानालाल गायरी की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया गया। रिपोर्ट में बताया गया कि उसकी दत्तक मां लूंगा बाई व बहन अमरी बाई घर में मृत मिली है। रिपोर्ट में अज्ञात व्यक्ति की ओर से हत्या कर लूट की आशंका जताई गई। इसके आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी गौरव श्रीवास्तव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) रजत विश्नोई, वल्लभनगर वृत्ताधिकारी श्रवणदास संत तथा थानाधिकारी पुनाराम गुर्जर के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंची। एफएसएल टीम, डॉग स्क्वॉयड, साइबर टीम व डीएसटी टीम की सहायता से घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए। मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी जयमीन उर्फ बंटी दवे लूंगा बाई का विश्वास जीतकर खुद को उनका मुंहबोला बेटा बताता था। उसे लगता था की परिवार में कोई पुरुष वारिस नहीं है। भविष्य में वह संपत्ति पर अधिकार कर सकेगा। लेकिन जब उसकी मंशा पूरी नहीं हुई तो उसने सुनियोजित तरीके से रात में घर में घुसकर लूंगा बाई एवं उनकी मानसिक रूप से अस्वस्थ पुत्री अमरी बाई की धारदार हथियार से हत्या कर जेवर लेकर फरार हो गया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पर भारी कर्ज था। आर्थिक संकट के कारण उसने लूट व हत्या जैसी वारदात को अंजाम दिया।
इस कार्रवाई में थानाधिकारी पुनाराम गुर्जर के नेतृत्व में हुकम सिंह (थानाधिकारी कानोड़), मुकेश चंद (थानाधिकारी भींडर), परमेश्वर पाटीदार (थानाधिकारी खेरोदा), फलेराम मीणा (उप निरीक्षक), लोकेश रायकवाल (साइबर सेल), शीशराम, रामानंद, मुकेशदास, भावेश, राजेंद्र, कुलदीप, गिरीराज मीणा, धर्मवीर, जसवंत, भंवरलाल गायरी, रामदेव, बाबूलाल, राजेश, स्वरूपराम, लोकेश, हरभजन, कुलदीप सिंह, कमलेश, मुकेश सहित वल्लभनगर, भींडर, खेरोदा, प्रतापनगर, सूरजपोल थाना, साइबर सेल और डीएसटी उदयपुर के अधिकारियों एवं जवानों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।