
Udaipur Video Scandal : उदयपुर में भाजपा नेत्री से जुड़े वीडियो, ब्लैकमेलिंग और बलात्कार के चर्चित मामले ने अब नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। जयपुर में हुई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की बैठक में भी उदयपुर के वीडियो कांड पर गंभीर चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार संघ पदाधिकारियों ने मामले को केवल भाजपा तक सीमित न रखकर अपने स्तर पर भी तथ्य जुटाने और आगे की रणनीति पर विचार किया है। संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने उदयपुर के एक बड़े नेता से विस्तृत जानकारी ली है।
जयपुर में हाल ही में हुई संघ की बैठक में उदयपुर प्रकरण का उल्लेख होने के बाद राजनीतिक हलकों में नई हलचल हो गई है। संघ पदाधिकारियों ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि संगठन की छवि से जुड़े मामलों पर स्वतंत्र स्तर पर भी जानकारी जुटाई जाएगी। उदयपुर के स्वयंसेवकों से फीडबैक लिया गया है और प्रदेश स्तर पर भी गंभीर चिंता जताई गई है।
उदयपुर में 11 फरवरी को दर्ज केस के बाद से यह मामला सुर्खियों में है, लेकिन अब सामने आए नए तथ्यों ने सियासी तापमान और बढ़ा दिया है। पता चला कि वीडियो कांड शुरू होने से पहले एक साल से भाजपा नेत्री और एक वरिष्ठ पदाधिकारी के बीच नजदीकियां चर्चा में थीं।
संबंधों के चलते नेत्री पार्टी में इतनी प्रभावशाली हो गई थीं कि अनौपचारिक रूप से निर्देश देने लगी थीं। यह स्थिति पार्टी के भीतर कई लोगों को खटक रही थी।
वरिष्ठ पदाधिकारी और भाजपा नेत्री के संबंधों को लेकर छह माह पहले ही संगठन में चर्चा शुरू हो गई थी। इसी दौरान आरोपी विशाल गुर्जर की एंट्री हुई और कथित वीडियो सामने आने के बाद मामला सार्वजनिक हो गया।
11 फरवरी को केस दर्ज होने से पहले पार्टी स्तर पर मामले को दबाने के प्रयास किए गए। सूत्रों के मुताबिक भारी-भरकम राशि देकर समझौता कराने की कोशिश भी की गई, लेकिन मामला थाने तक पहुंच गया।