उदयपुर

Rajasthan : उदयपुर के मोहनलाल सुखाड़िया विवि में गिलहरी का आतंक, 20 लोगों को काटा, दहशत में छात्र-छात्राएं व स्टाफ

Rajasthan : उदयपुर के मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय परिसर में एक गिलहरी ने आतंक मचा रखा है। इस गिलहरी ने एक माह में करीब 20 छात्र-छात्राएं व स्टाफ को काट लिया है। विश्वविद्यालय परिसर में इस वक्त दहशत का माहौल है। रेस्क्यू टीम व डॉक्टर भी हैरान हैं।

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Udaipurs Mohanlal Sukhadia University Squirrel terror 20 people were bitten Students and staff in panic
फोटो - AI

Rajasthan : उदयपुर के मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय परिसर में एक गिलहरी ने करीब 20 लोगों पर अटैक कर उन को घायल कर दिया है। गिलहरी ने एक माह में करीब 20 छात्र-छात्राएं व स्टाफ को काट लिया है। विश्वविद्यालय परिसर में इस वक्त दहशत का माहौल है। हालात यह हैं कि अब छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय परिसर के खुले मैदान में बैठने से बच रहे हैं।

बताया जा रहा है कि गिलहरी बेहद फुर्तीली है और अचानक हमला कर देती है। कई छात्रों ने अपने स्तर पर गिलहरी को पकड़ने की कोशिश की। लेकिन नाकामी हासिल हुई। गिलहरी की तेजी और आक्रामक व्यवहार के चलते उस पर काबू में करना मुश्किल हो गया है।

कॉलेज स्टाफ के अनुसार, लगभग एक माह से गिलहरी लगातार लोगों को काट रही है। जैसे ही कोई व्यक्ति साइकोलॉजी डिपार्टमेंट के पास से गुजरता है वह उस पर झपटती है और काटकर गायब हो जाती है। बताया जा रहा है कि गिलहरी ने इसी इलाके में अपना घर बना रखा है, जिसके कारण वह अपनी 'टेरिटरी' की रक्षा के लिए हमलावर हो रही है।

चकमा देकर भागने में सफल रहती गिलहरी

कॉलेज के एसोसिएट डीन नवीन नवाना का कहना है कि गिलहरी के काटने की शिकायत मिलने के बाद अब तक दो बार रेस्क्यू टीम को बुला चुके हैं। पिंजरे भी लगाए गए लेकिन गिलहरी टीम को चकमा देकर भागने में सफल रहती है।

गिलहरी के दिखते ही तुरंत सूचना दी जाए, सख्त निर्देश जारी

आर्ट्स कॉलेज के डीन प्रोफेसर मदन सिंह राठौड़ ने बताया कि जल्दी दोबारा टीम बुलाकर रेस्क्यू की कोशिश की जाएगी क्योंकि यह गिलहरी छात्रों और स्टाफ के लिए खतरा बन चुकी है। इसके साथ ही सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि गिलहरी के दिखते ही तुरंत सूचना दी जाए।

टिटनेस का इंजेक्शन लगवाना अनिवार्य - डॉ. शैलेंद्र कुमार शर्मा

पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. शैलेंद्र कुमार शर्मा का कहना है कि गिलहरी के काटने से रेबीज का खतरा तो नहीं होता, पर एहतियात के तौर पर टिटनेस का इंजेक्शन लगवाना अनिवार्य है।

अत्यधिक गर्मी से गिलहरी का व्यवहार हो जाता है आक्रामक

वन्य जीव विशेषज्ञों के अनुसार, अत्यधिक गर्मी से गिलहरी के दिमाग पर असर पड़ सकता है, जिससे उसका व्यवहार आक्रामक हो जाता है। इसके अलावा भूख या किसी तरह का मानसिक असंतुलन भी इसका कारण हो सकता है। उन्होंने बताया कि सामान्य परिस्थितियों में गिलहरी इंसानों की दोस्त होती है।

बेहद दुर्लभ मामला - वन्यजीव विशेषज्ञ

वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. हिमांशु व्यास ने भी इसे बेहद दुर्लभ मामला बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामले की विस्तृत स्टडी के बाद ही ठोस कारण सामने आ पाएंगे।

Updated on:
02 May 2026 07:52 am
Published on:
01 May 2026 01:01 pm