उदयपुर

बिना किसी दबाव के भरे जाएंगे शिक्षकों के पद, एमडीएस यूनिवर्सिटी के नवनियुक्त कुलपति प्रो. श्रीमाली बोले

रिक्त पड़े पदों को आचार संहिता लगने से पूर्व भरा जाएगा
2 min read
• •
Apr 19, 2018
vijay shrimali

उदयपुर . महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के नव नियुक्त कुलपति प्रो. विजय श्रीमाली ने कहा कि बिना राजनीतिक दबाव के शिक्षकों की भर्ती की जाएगी। पत्रिका से बातचीत में उन्होंने कहा कि स्वीकृति के बाद भी रिक्त पड़े पदों को आचार संहिता लगने से पूर्व भरा जाएगा।


एक ही पद के लिए हो छात्रसंघ चुनाव
प्रो. श्रीमाली ने छात्रसंघ चुनाव मसले पर राय दी कि विश्वविद्यालय में अध्यक्ष पद के लिए ही चुनाव होना चाहिए और वही अन्य पदाधिकारियों का चयन करे। छात्रों में सरकार के माध्यम से यह संदेश जाना चाहिए कि निर्धारित बजट पारित कराएं, उसे खर्च करे व बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहयोग दे।


पांच दावेदार थे मैदान में
कुलपति की दौड़ में पांच दावेदार थे। सर्च कमेटी ने सुविवि आट्र्स कॉलेज डीन प्रो. साधना कोठारी सहित पांच नाम फाइनल किए थे। इनमें प्रो. श्रीमाली के अलावा राजस्थान विवि के प्रो. आरवी सिंह, इंद्रप्रस्थ विवि दिल्ली के प्रो. आरके मित्तल, प्रो. ईश्वर सरन शामिल थे।

एकेडमिक कैरियर
- 1986 में एमबी कॉॅलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर व 2007 में प्रोफेसर बने।
- 15 वर्ष तक बॉम के सदस्य, 2 वर्ष तक बोर्ड ऑफ कंट्रोल में सदस्य।
- 2006 से 2009 तक विधि महाविद्यालय के डीन रहे।
- 2010 से 2012 तक विवि के चीफ प्रोक्टर।
- सितम्बर 2012 से सितम्बर 2015 तक कॉमर्स कॉलेज के डीन।
- वर्तमान में व्यवसाय एवं प्रशासन विभागाध्यक्ष व एमएचआरएम के निदेशक, स्टेट ऑफिस के इंचार्ज, स्पोट्र्स बोर्ड के चेयरमैन है। छात्र जीवन में तीन वर्ष तक एक्जीक्यूटिव कमेटी के सदस्य रहे। - - 1979 से 82 तक विद्यार्थी परिषद विभाग संगठन मंत्री रह चुके हैं।

प्रो. श्रीमाली जल्द संभालेंगे पदभार
काफी ऊहापोह के बाद आखिर राजभवन ने महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के स्थायी कुलपति नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए। राज्यपाल कल्याण सिंह ने प्रो. विजय श्रीमाली को महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया है। श्रीमाली जल्द पदभार संभालेंगे। प्रो. श्रीमाली की कुलपति नियुक्ति की पत्रावली सीएमओ से मंजूरी के बाद राजभवन पहुंच गई थी। लेकिन राजभवन ने उनकी नियुक्ति आदेश जारी नहीं किए। मंगलवार को भी दिनभर असमंजस की स्थिति बनी रही। उच्च शिक्षा विभाग से लेकर विश्वविद्यालय तक अटकलों के दौर चले। आखिर शाम को राजभवन ने पत्रावली पर फैसला लिया। राज्यपाल कल्याण सिंह ने तीन वर्ष या 70 साल की आयु होने तक प्रो. श्रीमाली को कुलपति नियुक्त करने के आदेश जारी किए।

Published on:
19 Apr 2018 05:22 pm