
पारसोला. कस्बे एवं समीपवर्ती इलाकों से माइंस इलाके को जोड़ती 11 हजार केवी बिजली लाइनों के झूलते तार अनहोनी को दस्तक दे रहे हैं। कमोबेश ऐसा ही हाल क्षेत्र में स्थापित बिजली तंत्र के अन्य उपकरणों का है। बेतरतीब बिजली के यह तार बीते समय में कई दुर्घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। बावजूद इसके अजमेर विद्युत वितरण निगम किसी बड़ी दुर्घटना के होने का इंतजार कर रहा है।
आलम यह है कि स्थानीय लोगों की शिकायतों के बावजूद निगम स्तर पर व्यवस्था सुधार को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। वन नाका, नई आबादी, सदर बाजार, पुराना बस स्टैण्ड व पटेलवाड़ा इलाकों में बिजली के यह तार ढीले होकर काफी नीचे आ गए हैं। आलम यह है कि तारों के नीचे से होकर गुजरते छोटे-बड़े वाहनों के इन तारों से छूने की आशंकाएं हर समय बनी रहती हैं। क्षेत्र के हनुमान गली निवासी कालिया खां, सलीम खां की मानें तो वृक्षों की शाखाओं के बीच से गुजरते इन तारों की चपेट में आए कई बंदर काल का ग्रास बन चुके हैं।
इसी तरह मेघवाल बस्ती क्षेत्र में बिजली के पोल जर्जर व क्षतिग्रस्त हैं। टूटे पोल जमीन की ओर लटके हुए हैं। कस्बे के मणिलाल पंचाल का आरोप है कि लेम्पस कार्यालय के समीप सडक़ के बीच में लगे हुए बिजली पोल को हटाने की स्वीकृति के बावजूद निगम के जिम्मेदारी व्यवस्था सुधार को लेकर टालमटोल करने में जुटे हैं। ऐसा ही हाल क्षेत्र में लगे हुए ट्रांसफार्मर का भी है, जो कि जंगली झाडिय़ों से घिरे होने के साथ मानसून में परेशानी की वजह बन सकते हैं।
ग्रामीणों ने पोर्टल पर दर्ज कराई शिकायत
जगत पसं. सलूम्बर तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत उथरदा के पहाड़ी पर स्थित तलहटी से कन्ना माता मंदिर तक पिछले महीनों विधायक मद से 10 लाख की लागत से निर्मित सीसी सडक़ का ग्रामीणों ने पीडब्ल्यूडी विभाग पर घटिया सामग्री का उपयोग करने का आरोप लगाते हुए सीसी सडक़ की जांच की मांग की। जनता सेना खण्ड सलूम्बर ग्रामीण अध्यक्ष रोशनलाल औदीच्य व ग्राम प्रमुखों ने विधायक अमृतलाल मीणा को घटिया सामग्री से सडक़ निर्माण को लेकर अवगत कराने के बावजूद अनसुना करने पर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री व जिला कलक्टर एवं राजस्थान संपर्क शिकायत पोर्टल पर शिकायत भेजकर जांच की मांग की।