
धीरेंद्र जोशी/उदयपुर . शहर में प्रतापनगर क्षेत्र के नाकोड़ा नगर के निवासियों का पेयजल संकट खत्म नहीं हो रहा है। पानी को लेकर त्राहि-त्राहि मची हुई है। नाकोड़ा नगर प्रथम व द्वितीय, सौभाग्यनगर और नाकोड़ा पुरम के बाशिंदे पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे हैं। घरों में लगे ट्यूबवेल सूख चुके हैं। पिछले ढाई माह से टैंकरों मंगवा कर पानी की जरूरत पूरी की जा रही है। प्रति टैंकर दो से ढाई सौ रुपए वसूले जा रहे हैं। डेढ़ दशक बाद भी टंकी का निर्माण नहीं होने से क्षेत्रवासियों में काफी रोष है।
इन कॉलोनियों में गत अप्रेल में ही ट्यूबवेल और हैण्डपम्प पूरी तरह से सूख चुके हैं। ऐसे में क्षेत्रवासियों को पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। पानी के कारोबारी रोजाना मोटी कमाई करने में लगे हुए हैं। प्रति टैंकर 200 से 250 रुपए वसूले जा रहे हैं। इन कॉलोनियों को बसे पन्द्रह वर्ष हो गए हैं। बेड़वास में करीब 1900 आवास वाली अफोडेबल हाउसिंग कॉलोनी के लिए भी पानी चाहिए। इसके लिए टंकी बनने का काम भी शुरू हो गया है। इन कॉलोनियों के साथ मेगा आवास के लोगों को भी पानी उपलब्ध करवाना होगा लेकिन अभी इसमें समय लगता दिख रहा है। यूआईटी ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को ट्यूबवेल के लिए डेढ करोड़ रुपए जारी कर दिए है । इसके तहत गूगला मगरा मे 6 ट्यूबवेल 8 इंच के खुदवाए जाएंगे।
टंकी के निर्माण के लिए कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को ज्ञापन दिए, प्रदर्शन किए लेकिन आज तक कुछ भी काम नहीं हुआ।
रवीन्द्रसिंह शेखावत, क्षेत्रवासी
कॉलोनीवासी अप्रेल से ही पानी के टैंकर मंगवा रहे हैं। चार वर्ष से जनप्रतिनिधि टंकी निर्माण का आश्वासन दे रहे हैं लेकिन काम नहीं हुआ जिससे बजट बिगड़ गया है।
सोहनलाल आमेटा, क्षेत्रवासी
नगर विकास प्रन्यास ने बजट में साढे पांच करोड़ रुपए का प्रावधान किया था और इनमे से डेढ़ करोड़ रुपए बोरिंग के लिए स्वीकृत किए हैं। मैं पिछले 4 साल से इस मामले को यूआईटी से लेकर विधानसभा तक में उठाता रहा हूं और काम पूरा करने का वादा पूरा करेंगे।
फूलसिंह मीणा, ग्रामीण विधायक उदयपुर
यूआईटी से प्रथम चरण में 6 ट्यूबवेल के लिए डेढ़ करोड़ रुपए का बजट मिला है। भूजल सर्वे हो गया है जल्द बोरिंग करवा दिए जाएंगे। यह काम पूरा होने पर दूसरे चरण में टंकी निर्माण पाइप लाइन डाल दी जाएगी।
आनंदप्रकाश मीणा, अधीक्षण अभियंता, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग