
बंबोरा/गींगला. गर्मी के दौर में भी बंबोरा के वार्ड-2 लौहार और वया मोहल्ले में सप्ताहभर से जलापूर्ति प्रभावित है। ऐसे में शुक्रवार को लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। क्षेत्रवासियों ने प्रदर्शन कर जिम्मेदारों के सामने आक्रोश जताया। वार्र्ड-2 के लोहार व वया मोहल्ले में पिछले सात दिनों से जलदाय विभाग की ओर से जलापूर्ति नहीं करने से मोहल्लेवासी परेशान है। इसको लेकर शुक्रवार को महिलाएं और युवा बंबोरा बस स्टैण्ड स्थित पंचायत कार्यालय पहुंचे। जहां किसी के नहीं मिलने पर पंचायत के बाहर कुछ देर तक प्रदर्शन किया। इसके बाद विभाग के कर्मचारी और जनप्रतिनिधि पहुंचे। जलापूर्ति समय पर करने के आश्वासन पर शांत हुए। हीरालाल लोहार, वार्डपंच अमित जारोली, दिनेश लोहार, प्रकाश, राकेश भावसार सहित महिलाओं ने बताया कि मोहल्ले में पिछले सात दिनों से नलों में पानी नहीं आने से पेयजल की समस्या बनी हुई है। ऐसे में पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है और हमें संतोषप्रद जवाब भी नहीं मिलता है। महिलाओं ने बताया कि जब गुरुवार को मोहल्ले में नल देने की बारी थी, लेकिन ठेकेदार की ओर से पुरानी पाइपलाइन को बंद कर दिया। जिससे समस्या और बढ़ गई है। जबकि दूसरे मोहल्लों में नल आ रहे है। गर्मी के मौसम में परेशान होना पड़ता है।
सरपंच के घर पहुंची महिलाएं
करीब 20 महिलाएं अपने बच्चों के साथ नारेबारी करते हुए बस स्टैण्ड पहुंची, जहां जलदायकर्मी से बात की तो उसने कहा कि जब तक वाल्व नहीं जुड़ेगा पानी नहीं मिलेगा। जिस पर महिलाएं उग्र होकर सरपंच के घर पहुंची। जहां सरपंच के नहीं मिलने से वापस पंचायत भवन पहुंची, जहां भी किसी के नहीं मिलने से पंचायत के बाहर कुछ देर प्रदर्शन कर विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान पंचायत समिति सदस्य गुलाबसिंह चौहान वहां पहुंचे तो उनका भी घेराव करने लगी, बाद में उन्होंने विभाग के कार्मिक व जेईएन से बात की। इधर, कुछ युवाओं ने जिला प्रमुख शांतिलाल मेघवाल को भी समस्या से अवगत कराया, लेकिन उन्होंने अनदेखा कर दिया।
सभी हैंडपंप खराब
वार्ड-2 व 3 में लगे तीनों हैण्डपंप करीब छह महीने से खराब पड़े हुए है। जबकि विभाग ने गर्मी से पूर्व ही हैण्डपंपों के मरम्मत के निर्देश दिए थे। ग्रामीणों ने बताया कि एक हैण्डपंप में तो पाइपों की कमी है, जबकि दूसरा आमलीघाटी व तीन रास्ते पर स्थित हैण्डपंप भी लंबे समय से खराब पड़े है। ऐसे में महिलाओं को दूर-दूर तक पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
जलापूर्ति का नहीं है बंदोबस्त
इधर, जिला प्रमुख मेघवाल के गृह क्षेत्र में करीब डेढ़ करोड़ की लागत की जल परियोजना के तहत पेयजल टंकी का निर्माण पूर्ण हो चुका है और नई पाइपलाइन बिछाने का कार्य भी इन दिनों जारी है। जिसके लिए सडक़ें भी खोद रखी है। ऐसे में जिला प्रमख मेघवाल अपने गृह क्षेत्र में ही अस्थायी तौर पर जलापूर्ति का प्रबंध नहीं कर पा रहे है।
...
इनका कहना
नई पाइपलाइन डालने के कारण पुरानी से कनेक्शन काट दिया है, जिससे लोहार मोहल्ला में पानी नहीं पहुंचा। जलदायकर्मी काेे कहकर ठीक करवा दी। खराब हैण्डपंप भी दिखवाते है।
शिवलाल गुर्जर, जेईएन, पीएचईडी, कुराबड़