उदयपुर

कौन हैं उदयपुर के करण सिंह राणावत? डेब्यू मैच में 203 रन बनाकर मचाया तहलका, जिनका सपना है टीम इंडिया में एंट्री

उदयपुर के युवा बल्लेबाज करण सिंह राणावत ने बीसीसीआई की कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी में अपने डेब्यू मैच में ही 203 रन की ऐतिहासिक पारी खेली। हिमाचल प्रदेश के खिलाफ 3 साल के लंबे संघर्ष के बाद मिले इस मौके में करण ने 292 गेंदों में 17 चौके और 3 छक्के जड़े।
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Oct 15, 2026
cricketer karan singh ranawat
Cricketer Karan Singh Ranawat (Patrika Photo)

Udaipur Cricketer Karan Singh Ranawat: उदयपुर शहर के पार्क में दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलने से शुरू हुआ सफर अब बड़ी उपलब्धि में बदल गया है। उदयपुर के बल्लेबाज करण सिंह राणावत (23) ने बीसीसीआई की कर्नल सीके नायडू ट्रॉफी में डेब्यू मैच में ही दोहरा शतक जड़कर अपनी प्रतिभा का दमदार परिचय दिया। उनकी 203 रन की पारी ने न केवल राजस्थान की टीम को मजबूती दी, बल्कि उदयपुर के क्रिकेट जगत को भी जश्न मनाने का मौका दिया। पिछले तीन साल से लगातार मेहनत के बावजूद टीम में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे करण ने इस बार अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा।

सेक्टर-14 निवासी हैं करण सिंह

करण सिंह सरदार सिंह राणावत के बेटे हैं। उनके पिता रेस्टोरेंट संचालक हैं। करण करीब 11 साल से क्रिकेट से जुड़े हैं। उनके क्रिकेट सफर की शुरुआत पार्क में दोस्तों के साथ खेलने से हुई। दोस्त प्रखर ने उन्हें क्रिकेट एकेडमी से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद करण ने वंडर क्रिकेट एकेडमी में कोच मनोज चौधरी और नरेंद्र चनाल के मार्गदर्शन में खेल की बारीकियां सीखीं। उनके बड़े भाई पुष्पेंद्र सिंह राणावत भी उनकी प्रेरणा रहे हैं।

तीन साल के इंतजार के बाद मिली बड़ी कामयाबी

करण के लिए यह दोहरा शतक सिर्फ एक पारी नहीं, बल्कि लंबे इंतजार और मेहनत का नतीजा है। वे राजस्थान की अंडर-14, अंडर-16 और अंडर-19 टीमों के लिए खेल चुके हैं। पिछले कुछ वर्षों में अच्छे प्रदर्शन के बावजूद आगे बढ़ने का मौका नहीं मिलने से वे निराश जरूर हुए, लेकिन उन्होंने अभ्यास जारी रखा। इस साल उन्होंने अपने प्रदर्शन में सुधार पर खास ध्यान दिया, जिसका परिणाम डेब्यू मैच में ही देखने को मिला।

हिमाचल प्रदेश के खिलाफ मुकाबले में करण तीसरे नंबर के बाद बल्लेबाजी के लिए उतरे। उस समय राजस्थान का स्कोर दो विकेट पर 140 रन था। उन्होंने एक छोर संभालते हुए धैर्य और आक्रामकता के बीच संतुलन बनाए रखा। करण ने 292 गेंदों पर 17 चौके और तीन छक्कों की मदद से 203 रन बनाए। उनकी पारी की बदौलत राजस्थान पहली पारी में 488 रन तक पहुंचा।

तकनीक पर काम, लक्ष्य रणजी और भारतीय टीम : करण

करण अपनी बल्लेबाजी की तकनीक को और मजबूत करने पर काम कर रहे हैं। वे बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं और अब उनका लक्ष्य राजस्थान की सीनियर टीम में जगह बनाकर रणजी ट्रॉफी खेलना है। इसके बाद भारतीय टीम तक पहुंचने का सपना है। डेब्यू मैच में दोहरा शतक उनके लिए बड़ी उपलब्धि है, लेकिन करण इसे मंजिल नहीं, बल्कि अपने सफर की शुरुआत मानते हैं।

Updated on:
15 Oct 2026 11:29 am
Published on:
15 Oct 2026 11:29 am