उदयपुर

Udaipur Panther Attack: बहन की आंखों के सामने भाई को ले गया पैंथर, इलाज के दौरान मौत; ग्रामीणों को दूसरी जगह किया शिफ्ट

उदयपुर शहर के निकटवर्ती उमरड़ा खेड़ा गांव में 20 घंटे के अंदर पैंथर ने महिला समेत 5 लोगों पर हमला किया। हमले में घायल लोगों में से एक ने बुधवार रात दम तोड़ दिया।
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Aug 27, 2026
Udaipur panther attack
पैंथर हमले के बाद मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारी व ग्रामीण। फोटो: पत्रिका

उदयपुर। उदयपुर शहर के निकटवर्ती उमरड़ा खेड़ा गांव में 20 घंटे के अंदर पैंथर ने महिला समेत 5 लोगों पर हमला किया। हमले में घायल लोगों में से एक ने बुधवार रात दम तोड़ दिया। जानकारी के मुताबिक पैंथर के हमले में घायल लोगर लाल (45) पुत्र जग्गा मीणा की मौत हो गई। उस पर मंगलवार शाम को पैंथर ने हमला किया था। पैंथर के आतंक के बाद से ही गांव में दहशत का माहौल है। सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने ग्रामीणों को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया है।

लोगर की बहन गुलाबी का कहना है कि उसकी आंखों के सामने पैंथर उसके चचेरे भाई लोगर लाल को उठाकर ले गया। इस दौरान भाई ने करीब 5 मिनट तक पैंथर से संघर्ष किया। उसने शोर मचाते हुए पीछा किया, तभी ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। ऐसे में पैंथर लोगर को छोड़कर भाग गया। गंभीर हालत में लोगर को महाराणा भूपाल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां बुधवार शाम करीब 7 बजे उसने दम तोड़ दिया।

ग्रामीणों को दूसरी जगह किया शिफ्ट

डीएफओ डीके तिवारी ने बताया कि वन विभाग की टीम पैंथर के रेस्क्यू की तैयारी में जुटी हुई है। मौके पर पिंजरे भी लगाए और टीम तैनात की गई हैं। साथ ही पैंथर के पकड़े जाने तक यहां के निवासियों को अन्यत्र सुरक्षित जगह शिफ्ट किया गया है। यहां करीब 10 घरों की बस्ती में लोग रहते हैं।

सभी घायलों का एमबी अस्पताल में उपचार जारी

जानकारी के मुताबिक बुधवार सुबह हुए पैंथर के हमले में जग्गा (60) पुत्र कालू मीणा, हितेश (20) पुत्र गंगाराम, कालू (40), लोगरी बाई (45) घायल हुए। बुधवार सुबह हमले के बाद वन विभाग ने अलर्ट जारी किया था। ग्रामीणों ने मान लिया कि पैंथर अब नहीं आएगा, लेकिन दोपहर 1 बजे फिर महिला पर हमला किया। ग्रामीणों ने बताया कि जग्गा, हितेश और कालू ने करीब 5 मिनट तक पैंथर से संघर्ष किया। हल्ला होने पर लोग दौड़ पड़े तो पैंथर जंगल में भाग गया। ग्रामीणों ने घायलों को पहले निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां से उदयपुर के एमबी अस्पताल भेजा गया। जहां सभी घायलों का उपचार जारी है।

पैंथर का रेस्क्यू करने में जुटी टीम

वन विभाग और जिला प्रशासन ने लेपर्ड को खोजने के लिए ऑपरेशन शुरू किया। वन विभाग की टीम ड्रोन के जरिए पैंथर की तलाश में जुटी हुई है। हालांकि, अभी तक लेपर्ड का मूवमेंट नहीं दिखा। लेपर्ड के मूवमेंट को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है। लेपर्ड को पकड़ने के लिए चार पिंजरे अलग-अलग दिशा में लगाए हैं। इसके अलावा कैमरा ट्रैप भी लगाए हैं। खुद डीएफओ डीके तिवारी शाम तक मौके पर ही रहे।

आबादी के आसपास कई दिनों से पैंथर का मूवमेंट

ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से आबादी के आसपास पैंथर का मूवमेंट बना हुआ है। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। हमले की जानकारी पर गिर्वा तहसीलदार गणेश कुमार विजयवर्गीय, पटवारी महेंद्र सिंह चौहान अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली।

Updated on:
27 Aug 2026 09:48 am
Published on:
27 Aug 2026 09:48 am