सर्तक रहा पुलिस प्रशासन
नागदा। हसन हुसैन के शहादत की याद में मनाए जाने वाले मोहर्रम पर देर रात को ताजियों का कारवां मैदान ए कर्बला में पहुंचा। हुसैन की याद में छाती पीट पीटकर मातमा कर रहता तो कोई मसरिए सुन हुसैन की शहादत को याद करता नजर आया। कर्बला में पानी की छींटे डालकर ताजियों को ठंडा करने की रस्म समाजजनों ने अदा की। कुर्बानी और शहादत के प्रतीक माने जाने वाले मोहर्रम के तीन दिवसीय आयोजन का समापन शनिवार की रात्रि मैदान ए कर्बला में हुआ। दरअसल शनिवार की शाम तक बारिश का क्रम जारी होने कोई चलह पहल नहीं दिखाई दी, लेकिन बारिश ने जैसी ही राहत दी बड़ी संख्या में अनुयायी जामा मस्जिद रोड़, चंबल मार्ग सहित कर्बला मैदान में एकत्रित हो गए। पुरानी नगरपालिका चौराहे पर कदमी मोहर्रम कमेटी के सदस्यों ने अखाड़े के कलाकारों, ताजियों निर्माण करने वाले कलाकारों, बैंड व ताशा पार्टी के मास्टर, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों का स मान शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिह्न भेंटकर किया। शरबत पिलाने वालों की लगी होड़ जन्मेजय मार्ग, पुरानी नगर पालिका, चंबल मार्ग स्थित इमामबाड़े, मदीना पैलेस के सामने, किल्कीपुरा सहित मैदान ए कर्बला आदि क्षेत्रों में शबीले सामाजिक संस्थाओं द्वारा लगाई गई है जहां पर शरबत पिलाया गया। मोहर्रम के आयोजन को लेकर पुलिस और प्रशासन सुरक्षा को लेकर काफी सतर्क नजर आया। एएसनी अंतरसिंह कनेश, तहसीलदार सुनील करवरे, सीएसपी मनोज रत्नाकर, टीआइ रविंद्रकुमार के नेतृत्व में आरआई रघुनाथ मचार, मदनलाल उइके, पटवारी अनिल शर्मा, किशनलाल परमार, टीआइ आरएस भाबोर, एसआई हेमंतसिंह जादौन सहित पीटीएस के जवान, कोटवार एवं सुरक्षा समिति के सदस्यों ने संभाली। मेहमान बनकर जीना सीखें : कीर्तिसुधा नागदा।महावीर भवन में धर्मसभा में महासति कीर्तिसुधा ने उपस्थितों को संबोधित करते हुए बताया कि, मनुष्य 84 लाख योनियों में परिभ्रमण करने के बाद जब मानव जीवन में आता है। यदि आप जीवन को महल बनाना चाहते हो तो संसार में मेहमान बनकर रहो मालिक बनकर नहीं। लम्बी तपस्या की श्रृंखला में 15 उपवास सरिता नांदेचा एवं रमेश तांतेड़ के 5 उपवास अभिगृहपूर्वक चल रहा है। राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त एवं जैन साधु साध्वीयों को धार्मिक शिक्षा पढ़ाने वाले डॉ. सागरमलजी जैन का सम्मान श्रीसंघ अध्यक्ष प्रकाशचन्द्र सांवेरवाला एवं चातुर्मास अध्यक्ष देवेन्द्र कांठेड़ ने किया। जानकारी महेन्द्र कांठेड़ एवं नितीन बुडावनवाला ने दी।