
Ujjain news: छुट्टी के दिन बेटे से मिलने जा रहे दंपति के साथ बड़ी अनहोनी हो गई। गोपाल और रेखा के घर उस समय कोहराम मच गया जब एक साथ दोनो की अर्थियां निकली। इस दौरान पूरे इलाके में गम का माहौल छा गया। जिसने भी ये नाजार देखा वो अपने आंसुओं को रोक नहीं पाया। सोमवार को भी मिलने वाले लोगों का आना-जाना लगा हुआ है। किसी को विश्वास नहीं हो रहा कि इतना बड़ा हादसा हो गया।
बता दें कि एमपी में उज्जैन-इंदौर रोड पर टोल के आगे सुबह भीषण सड़क हादसे में आगर के सराफा कारोबारी दंपती की मौत हो गई। उज्जैन से इंदौर बेटे से मिलने जा रहे गोपाल सोनी (60) और उनकी पत्नी रेखा सोनी (53) की कार एमपी 42 सी-2786 आगे चल रहे ट्रक एमपी 15 एचए-0683 में पीछे से जा घुसी। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि कार का अगला हिस्सा और बोनट ट्रक के पिछले हिस्से में काफी अंदर तक धंस गया। हादसे में कार में सवार एक बालिका भी घायल हुई है। बीते दिन घटना के बाद पत्नी-पत्नी की अर्थी एक साथ उठी।
परिजनों के मुताबिक गोपाल सोनी और रेखा सोनी रविवार को छुट्टी के दिन इंदौर में अपने बेटे से मिलने जा रहे थे। उनका एक बेटा इंदौर में फिजिक्स वाला में शिक्षक है, जबकि दूसरा बेटा आगर में परिवार का चांदी का कारोबार संभालता है। गोपाल सोनी मूल रूप से आगर के सराफा कारोबारी परिवार से थे और परिवार का चांदी का कारोबार है। स्थानीय सराफा व्यापारी संगठन से भी उनके जुड़ाव की जानकारी सामने आई है।
हादसा सुबह 11.30 से 12.30 बजे के बीच हुआ। तस्वीरों में कार का अगला हिस्सा ट्रक के पिछले हिस्से में बुरी तरह फंसा दिखाई दे रहा है। कार के चारों तरफ के कांच भी टूट गए। टक्कर कितनी तेज थी इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। कार में दंपती के साथ पड़ोसी व किराना व्यावसायी मुकेश गर्ग की बेटी ईशिका गर्ग थी। हादसे में उसे भी चोट आई है और उसका भी इलाज इंदौर में चल रहा है।
परिजनों के अनुसार हादसे के बाद संभवतः गोपाल सोनी की कुछ देर तक सांस चल रही थी। बेहतर उपचार की उम्मीद में उन्हें इंदौर के अरविंदो अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। रेखा सोनी का पोस्टमार्टम उज्जैन में कराया गया, जबकि गोपाल का पोस्टमार्टम अरविंदो अस्पताल में हुआ।
गोपाल सोनी के बड़े भाई का करीब 20 वर्ष पहले निधन हो चुका है। इसके बाद परिवार की कई जिम्मेदारियां गोपाल ही संभाल रहे थे। उनकी 85 वर्ष से अधिक उम्र की मां अभी जीवित है। बेटे की मौत की खबर मिलने के बाद परिवार में मातम पसरा है। हादसे की सूचना पर परिजन मौके और अस्पताल पहुंच गए थे। पीएम के बाद शव उन्हें सौंप दिए गए।
हादसे में दंपती की मौत के बावजूद फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि उज्जैन-इंदौर रोड पर चल रहे ट्रक में कार इतनी तेज या किस परिस्थिति में जा घुसी। नानाखेड़ा पुलिस का कहना है कि घटनास्थल की तस्वीरें टक्कर की भयावहता बताती है, लेकिन दुर्घटना का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस हादसे की परिस्थितियों और दोनों वाहनों की स्थिति के आधार पर जांच कर रही है।