
Pujari Maha sangh letter to PM Narendra Modi: उत्तरप्रदेश के अयोध्या में स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में कथित चंदा चोरी (Ayodhya Ram Mandir Chanda Chori Case) का मुद्दा अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। इस मामले की चर्चा मध्य प्रदेश में भी शुरू हो चुकी है। कथित चंदा चोरी मामले को लेकर उज्जैन स्थित पुजारी महासंघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को लिखकर उनसे बड़ी मांग की है। संघ ने अपने पत्र में राम मंदिर ट्रस्ट की आलोचना की है और इस मुद्दे को आस्था को शर्मसार करने वाला मामला बताया है। यहीं नहीं उन्होंने यह भी पुजारी महासंघ ने पीएम से यह भी मांग की है कि श्रीराम मंदिर ट्रस्ट को मंदिर के लिए शहीद हुए लोगों के परिवार को सौंप दिया जाए।
अखिल भारतीय पुजारी महासंघ ने पीएम मोदी को लिखे पत्र में लिखा कि 'देश में राम मंदिर का बनना हर देशवासी का सपना था जिसे आपने साकार किया लेकिन कुछ लोग आपके सपने और मेहनत को शर्मसार कर रहे हैं। पत्र में राम मंदिर ट्रस्ट की आलोचना करते हुए कहा कि 'आए दिन राम मंदिर ट्रस्ट की करतूतें समाचार पत्रों में छप रही हैं। देश की माताओं बहनों और भक्तों द्वारा बड़ी श्रद्धा और विश्वास के साथ अपने जिंदगीभर की कमाई, सोना, चांदी, गहने, चढ़ावा और सामग्री भेंट की थी। उन्हें विश्वास था कि उनका दिया दान सही जगह और सेवा में लगाया जाएगा लेकिन इसका उल्टा हो रहा हैं भगवान के दान में चोरी और भ्रष्टाचार हो रहा हैं।'
पत्र में आगे महासंघ ने कहा कि कई दिनों से समाचार पत्रों के माध्यम से राम मंदिर के चढ़ावे की रकम में हेरा फेरी और गबन की जानकारी प्राप्त हो रही हैं, जो निंदनीय हैं ऐसे भ्रष्ट ट्रस्टी जो भगवान के दान की रक्षा नहीं कर सकते बल्कि उनके दान में नियत खराब करते हैं वह मंदिर की रक्षा और संचालन कैसे करेंगे? संघ ने आगे पीएम मोदी से मांग करते हुए कहा कि 'अखिल भारतीय पुजारी महासंघ आपसे निवेदन करता है कि ऐसे भ्रष्ट ट्रस्टियों को सरकार द्वारा तुरंत हटा कर मामले की सीबीआई जांच किया जाना चाहिए।'
पुजारी महासंघ ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक और बड़ी मांग की। उन्होंने मांग की कि राम मंदिर ट्रस्ट को मंदिर के लिए शहीद हुए लोगों के परिवारों को सौंप दिया जाए। उन्होंने अपने पत्र में लिखा- मंदिर के लिए शहीद हुए लोगों के योग्य परिवारजनो को ट्रस्ट में शामिल करना चाहिए, जिनका खून पसीना मंदिर की रक्षा और बनाने में लगा हैं। वे अधिक श्रद्धा और विश्वास से मंदिर की सेवा करेंगे। वह भ्रष्टाचार और चोरी नहीं करेंगे, वह अपने कुल के शहीद भक्त पर कलंक नहीं लगाएंगे।' पत्र में आगे कहा गया कि 'यदि उन्हें ट्रस्ट में जिम्मेदारी का मौका दिया जाता है तो यह देश की ओर से मंदिर के लिए हुए शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।'