Bhasm Aarti: सैकड़ों श्रद्धालुओं के बीच सादगी से महाकालेश्वर के दर्शन करने पहुंची अभिनेता रजनीकांत की छोटी बेटी सौंदर्या, नियमों का पालन करते हुए साड़ी पहनी और घूंघट डालकर भस्म आरती में हुई शामिल, सौंदर्या के साथ आप भी करें भस्म आरती के दर्शन Watch Video
Bhasm Aarti: बॉलीवुड और टॉलीवुड अभिनेता रजनीकांत (Actor Rajnikant) की बेटी सौंदर्या (Saundarya) बुधवार की अल सुबह महाकालेश्वर मंदिर (Mahakaleshwar Temple) पहुंच गईं।
लाल रंग की फ्लोरल प्रिंट सादा साड़ी में सादगी में नजर आईं सौंदर्या महाकाल भस्म आरती (Mahakal Bhasm Aarti) में शामिल हुईं। इस दौरान नियमों का पालन करते हुए जहां वे साड़ी पहनकर भस्म आरती दर्शन करने पहुंचीं, वहीं भस्म आरती के दौरान महिलाओं को घूंघट में रहने की परम्परा का पालन भी उन्होंने किया।
बता दें कि उज्जैनमहाकालेश्वर के दर्शन (Mahakaleshwar Darshan) करने की परम्परा है कि भस्म आरती (Bhasm Aarti) के दौरान जहां स्त्री और पुरुष को एक ड्रेस कोड (Dress Code) का पालन करना होता है। वहीं भस्म आरती के दौरान महाकाल निराकार रूप में होते हैं, इसलिए इस दौरान महिलाओं को घूंघट या परदे में रहने का नियम है।
महाकाल भस्म आरती (Mahakal Bhasm Aarti) में शामिल होने के बाद सौंदर्या जहां महाकाल की दूसरी आरती में हाथ जोड़कर भक्ति में तल्लीन नजर आईं। वहीं उन्होंने नियमों का पालन करते हुए ही नंदी हॉल में बैठकर महाकाल के दर्शन किए। इस दौरान सौंदर्या मंदिर परिसर में आने वाले भक्तों के बीच बैठीं दिखीं।
बता दें कि अभिनेता रजनीकांत की बेटी (Rajnikant Daughter) सौंदर्या (Saundarya) ने एक ग्राफिक डिजाइनर के रूप में टॉलीवुड (तमिल फिल्म इंडस्ट्री ) में एंट्री की थी। इसके बाद सौंदर्या ने 2010 में फिल्म गोवा के साथएज ए डायरेक्टर करियर की शुरुआत की। वहीं 2014 में फिल्म को कोचादयान का निर्देशन करके भी वे चर्चा में रहीं थीं।
ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में हैदराबाद के एक भक्त ने भगवान महाकाल को रत्नजड़ित सोने की किलंगी भेंट की है। महाकालेश्वर मंदिर में देशभर से आने वाले श्रद्धालु भगवान महाकाल के शृंगार के लिए सोने और चांदी के आभूषण भेंट करते हैं।
इसी कड़ी में हैदराबाद के श्रद्धालु देवकीनंदन वर्मा व पूनम वर्मा ने भगवान महाकाल (Mahakal) को रत्नजड़ित सोने की किलंगी भेंट की है। किलंगी को भगवान के शीश पर धारण कराई जाने वाली पगड़ी पर लगाया जाता है। साफे पर किलंगी लगाना राजवंश परंपरा का प्रतीक माना जाता है।