Ujjain- MP के प्रसिद्ध संत महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद महाराज के लिए रची साजिश
Ujjain- एमपी के एक प्रसिद्ध संत को हनीट्रैप में फंसाने का षड़यंत्र रचा गया। उन्हें दुष्कर्म के झूठे केस में फांसकर ब्लैकमेलिंग करने की साजिश बुनी गई हालांकि पुलिस की सतर्कता से मामले का पर्दाफाश हो गया। प्रसिद्ध संत व उज्जैन Ujjain के चारधाम मंदिर के महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद महाराज के लिए यह साजिश रची गई थी। उन्हें हनीट्रैप में फंसाने के लिए एक महिला को बनारस से बुला भी लिया गया था। अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी देकर महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद महाराज पर झूठा आरोप लगाने का उसपर दबाव डाला जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में एक पूर्व साध्वी मंदाकिनी पुरी और घनश्याम पटेल पर FIR दर्ज कर ली है। उनसे जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क का पता लगाने मामले की गहराई से पड़ताल की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि पूर्व महामंडलेश्वर साध्वी मंदाकिनी पुरी ने यह साजिश रची। वह एक आपराधिक केस में पहले भी जेल जा चुकी है। मंदाकिनी पुरी ने महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद से लाखों रुपए ऐंठने के लिए उन्हें दुष्कर्म के झूठे केस में फंसाने की योजना बनाई। इसके लिए वाराणसी की एक महिला को 50 हजार रुपए में तैयार भी कर लिया। उसकी अश्लील तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर महिला को महामंडलेश्वर पर झूठा आरोप लगाने का दबाव डाला।
पुलिस के मुताबिक महिला, महामंडलेश्वर पर दुष्कर्म का झूठा आरोप लगाती और फिर साध्वी मंदाकिनी पुरी द्वारा केस वापस लेने की बात कहकर लाखों रुपए ऐंठने की योजना थी। महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि पुलिस की सतर्कता के कारण रंगपंचमी के दिन यह साजिश सामने आ गई। पुलिस ने दत्त अखाड़ा परिसर से महिला को पकड़ा और पूछताछ की तो उसने पूरी हकीकत उगल दी।
महिला ने पुलिस को बताया कि घनश्याम पटेल ने महामंडलेश्वर के खिलाफ दुष्कर्म का झूठा आरोप लगाने को कहा था। 50 हजार रुपए देने का लालच भी दिया। उसने मना कर दिया तो उसके अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी दी। इसके बाद वह दबाव में आकर उज्जैन आ गई। दत्त अखाड़ा परिसर में घनश्याम पटेल महिला के बयान रिकॉर्ड कर रहा था तभी आनंदपुरी महाराज, पंडित लोकेश शर्मा और संजय गोस्वामी को पूरे मामले की भनक लग गई। उन्होंने पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा को तुरंत सूचित कर दिया। इसके बाद पुलिस ने पूर्व साध्वी मंदाकिनी पुरी और घनश्याम पटेल के खिलाफ केस दर्ज किया।