
Ujjain News :मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के खाचरौद नगर के अंतर्गत आने वाले नर्सिंग मंदिर इलाके में उस समय लोगों के बीच गहमा गहमी का माहौल बन गया, जब यहां एक परिवार ने अपनी जीवित बेटी का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर दिया। बताया जा रहा है कि, अलग समाज के युवक से प्रेम विवाह करना युवती के घर वालों को इस कदर नागवार गुजरा कि, उन्हें नाराज होकर न सिर्फ बेटी से सभी तरह के सामाजिक संबंध तोड़ने की घोषणा कर दी, बल्कि बेटी की तस्वीर जलाकर पारंपरिक रीति रिवाज से उसका प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर दिया। इस दौरान समाज के कई लोग भी प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
परिवार के सदस्यों के अनुसार, युवती की उम्र करीब 18 साल 2 माह है और वो मेकअप आर्टिस्ट के रूप में कार्य करती है। उसने अपनी मर्जी से सामाजि तौर पर छोटी जाति के युवक के साथ प्रेम विवाह किया है, जिससे परिवार काफी आहत है। परिवार के अनुसार, उन्होंने बेटी द्वारा उठाए जाने वाले इस कदम से पहले उसे समझाने का काफी प्रयास भी किया था, लेकिन उसने परिवार की नहीं मानी और युवक से विवाह कर लिया। इसपर परिजन ने बेटी को परिवार से बेदखल घोषित करते हुए उससे नाता तोड़ने का निर्णय लिया।
युवती के पिता और दोनों भाइयों ने बताया कि, उन्होंने बेटी को समझाने के लिए कई बार प्रयास किए। मामला पुलिस थाने तक भी पहुंचा, जहां परिजन ने उसे घर लौटने के लिए समझाने का प्रयास किया। परिजन का आरोप है कि थाने में युवती ने अपने माता - पिता और भाइयों को पहचानने तक से इनकार कर दिया था, जिसके चलते उन्हें अब ये कदम उठाना पड़ा है।
परिजन ने बताया कि, इसी घटनाक्रम के बाद उन्होंने रीति - रिवाज के अनुसार बेटी से संबंध समाप्त करने का निर्णय लिया। इसके तहत उसकी तस्वीर का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार किया गया और गोरनी समेत अन्य परंपरागत रस्में पूरी की गईं।
इस दौरान पिता और दोनों भाई भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि बेटी का पालन-पोषण उन्होंने बड़े स्नेह और संघर्ष से किया था, लेकिन उसके निर्णय के बाद परिवार और बेटी के बीच संबंध पूरी तरह समाप्त हो गए हैं। उनका कहना था कि परिवार भी भावनात्मक पीड़ा के बाद कठिन निर्णय लेने को मजबूर हो सकता है।